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माफ कर दो साहब! आशाओं को बुलाया तो था पर नाम नहीं बताएंगे

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बरेली। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली महिलाओं को गुमराह कर निजी अस्पतालों में भेज देने के आरोपों में घिरी आशा वर्कर्स की बैठक बुलाने वाले किला रोड के प्राइवेट हॉस्पिटल अर्क नंबर चार के प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है, हालांकि इस बैठक में पहुंची 16 आशा वर्कर्स के साथ हुई ‘सेटिंग’ की पोल खुलने के डर से उनके नाम बताने से कन्नी काट ली है। मामले की जांच कर रहे एसीएमओ इसके बाद बैठक में आई आशा वर्कर्स को चिह्नित करने में जुट गए हैं। छानबीन पूरी करने के बाद आशा वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के मुताबिक पिछले दिनों बिना सीएमओ कार्यालय को जानकारी दिए आशाओं की गुपचुप मीटिंग बुलाने के मामले में अर्क नंबर चार अस्पताल को नोटिस दिया गया था। इसके जवाब में पहले तो अस्पताल प्रशासन ने आशाओं की बैठक बुलाने से साफ इनकार कर दिया था। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि बाद में जब अस्पताल के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को कार्यालय तलब कर पूछताछ की गई तो उन्होंने आशाओं की अपने अस्पताल में मौजूदगी की बात स्वीकार करते हुए गुमराह करने वाला जवाब देने पर माफी भी मांग ली लेकिन मीटिंग में आई आशाओं के बारे में जानकारी मांगी गई तो अस्पताल प्रशासन ने आशाओं के बगैर बुलाए पहुंचने की बात कही। अब अस्पताल से मीटिंग का वीडियो फुटेज और रिकॉर्डिंग मांगी गई है। इसके जरिये आशाओं की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आयुष्मान योजना का लाभ देने में भी पिछड़ा
प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुराग ने बताया कि अर्क नंबर चार अस्पताल को नवंबर माह में आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा गया है। करीब सात माह गुजर चुके हैं अब तक अस्पताल में महज दो ही मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिला है। संबंधित मामले में अस्पताल को नोटिस जारी कर आयुष्मान योजना का लाभ देने को कहा गया है। बताया कि 18 अप्रैल और 21 मई को दो मरीजों को भर्ती कर आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की गई है।
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आशाएं आई थीं साहब.. पर अब नहीं बुलाएंगे
आयुष्मान योजना के डीपीसी डॉ. अनुराग के मुताबिक पिछले दिनों आशाओं की मीटिंग बुलाने के मामले में जब अस्पताल प्रशासन से जवाब तलब किया गया तो उन्होंने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रचार करने के लिए आशाओं से सहयोग मांगने की बात स्वीकारी। साथ ही भविष्य में बिना सीएमओ की अनुमति लिए ऐसी कोई भी मीटिंग नहीं बुलाने को कहा है।
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