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सरकारी ट्रांसफार्मर देकर बिजली चोरी कराने वाला जेई सस्पेंड

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बरेली। विभागीय अवर अभियंता और अन्य स्टाफ बिजली चोरी कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लाइन से सीधे चोरी कराने को अब तो बेझिझक बिजली ट्रांसफार्मर तक उपलब्ध कराने में तक नहीं चूक रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर कोई कार्रवाई तक नहीं हुई, प्रबंध निदेशक के आने की खबर मिलते ही चोरी कराने में लिप्त जेई अंकुर प्रसाद को आननफानन में सस्पेंड कर दिया है, अन्य दागी लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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अवैध ट्रांसफार्मर से निजी नलकूप चलवाने का मामला पकड़े जाने के बाद भी संबंधित जेई और अन्य लिप्त स्टाफ पर कार्रवाई तक नहीं हुई, जबकि मामले में पुलिस में 22 अप्रैल को रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है और मुख्यालय के निर्देश पर हुई जांच में दोषी पाए गए विभागीय लोगाें पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच जानकारी मिली कि प्रबंध निदेशक संजय गोयल बरेली जोन में समीक्षा करने आ रहे हैं तब अधीक्षण अभियंता मधुप श्रीवास्तव ने अवैध ट्रांसफार्मर से चोरी कराने वाले जेई अंकुर प्रसाद को आननफानन में सस्पेंड कर दिया है, लेकिन संबंधित अन्य स्टॉफ पर मेहरबान एसई ने अब तक अवैध ट्रांसफार्मर संबंधी जानकारी तक नहीं जुटाई है। बताया जाता है कि एमडी इस मुद्दे पर कोई प्रभावी एक्शन शुक्रवार को कर सकते हैं।

यह था मामला
दो माह पहले बदायूं जिले में स्थित अल्हैपुर गांव में हरी शंकर और अजय कुमार हाईटेंशन लाइन से अवैध ट्रांसफार्मर को जोड़कर नलकूप चलवा रहे थे, जिसकी शिकायत की गई थी। इस पर चीफ इंजीनियर ने एसई बदायूं मधुप श्रीवास्तव को कार्रवाई करने को कहा, बावजूद इसके चोरी जारी रही। मामला चेयरमैन और एमडी मध्यांचल के कार्यालय तक पहुंचा तो एमडी संजय गोयल ने जांच शुरू करा दी। इसके बाद एसई श्रीवास्तव ने मौके पर एक टीम रवाना कर जांच कराई, तब थाने में चोरी रिपोर्ट दर्ज हुई। उधर, अधीक्षण अभियंता श्रीवास्तव ने इसमें भी खेल कर दिया। बताते हैं कि मध्यांचल से आए पत्र में हरीशंकर और अजय कुमार पर अवैध ट्रांसफार्मर से नलकूल चलवाने का ब्योरा लिखा है, जबकि इससे पहले 22 अप्रैल को दर्ज एफआईआर में सिर्फ अजय कुमार शर्मा का नाम लिखा है। साथ ही मौके पर लगे अवैध ट्रांसफार्मर की फोटोग्राफी, जब्तीकरण और अन्य ब्योरा लेना भी उचित नहीं समझा। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद संबंधित जेई और स्टाफ पर कार्रवाई भी नहीं हुई।
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