बरेली। चौपुला-किला रोड पर इस बार भी बारिश में जलभराव से सड़क के क्षतिग्रस्त होने और उससे एक्सीडेंट होने का खतरा फिर मंडराने लगा है। बारिश के मौसम में पिछली बार इस रोड पर सिटी स्टेशन और मालगोदाम के पास दो से तीन फुट तक पानी भर गया था। इससे रोड पर भयंकर गड्ढे और उधड़ी सड़क पर एक्सीडेंट होने से कई लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ठहराते रहे। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना था कि सड़क लेवल से नाला ऊंचा होने से रोड पर पानी भर रहा है। इसी से दिक्कत पैदा हो रही है, जबकि पूरा साल ऐसे ही बीत गया है। अफसरों की लापरवाही से यह सड़क फिर से खतरे की घंटी बन गई है।
दिल्ली-लखनऊ को जोड़ने वाली शहर की इस महत्वपूर्ण सड़क पर हर समय काफी ट्रैफिक रहता है। रेलवे स्टेशन और मालगोदाम के पास इस रोड के किनारे नगर निगम का नाला बना है। दिक्कत यह है कि यह नाला सड़क के लेवल से ऊंचा है। ऐसे में मलूकपुर, बिहारीपुर, कुंवरपुर सहित कई इलाकों का पानी इसी नाले में जाने के साथ सड़क पर भी भर जाता है। पिछली बारिश में भी यह रोड इतनी ज्यादा टूट गई कि पीडब्ल्यूडी को इसकी मरम्मत कराने में पसीने छूट गए। गड्ढों को भरने के लिए ईंटें तक बिछानी पड़ीं। उधड़ी सड़क से बाइक और स्कूटी सवार गिरते रहे। एक्सीडेंट में कई लोगों को अपनी जान तक से गंवाना पड़ गई। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना था कि जब तक नगर निगम नाले का लेवल ठीक नहीं करेगा, यह दिक्कत खत्म होने वाली नहीं। इसे लेकर नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के बीच चिट्ठी लिखने का भी खूब सिलसिला चला। बारिश बीतने के बाद अफसरों ने फिर इस समस्या से नजरें फेर लीं। अब बारिश का मौसम फिर सामने है लेकिन यह दिक्कत अभी भी जस की तस है। जाहिर है कि इस बार भी जलभराव इस रोड पर कहर ढहाएगा और पब्लिक को इसका लंबे समय तक खामियाजा भुगताना होगा।
शासन में रिजेक्ट हुआ 95 लाख का प्रोजेक्ट
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने सुझाव दिया था कि जलभराव को देखते हुए सिटी स्टेशन और मालगोदाम के पास प्रभावित होने वाले सड़क के हिस्से का सीसी निर्माण कराया जाए। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 95 लाख रुपये का प्रोजेक्ट शासन में भेजा था। अफसरों ने इसकी ढंग से पैरवी नहीं की। बाद में शासन ने इसे रिजेक्ट भी कर दिया।
पिछली बार बारिश में चौपुला-किला रोड काफी टूट गई थी। इस संबंध में निर्माण खंड भवन के एक्सईएन वीएम शर्मा से पूछा गया है कि इस संबंध में अब तक उन्होंने क्या किया है। जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता होगी।
- राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी