बरेली। ईद के दिन शहर में अलग-अलग स्थानों पर अलग हाल देखने को मिला। कहीं कर्फ्यू जैसा सन्नाटा था तो कहीं भीड़भाड़ से जाम के हालात बने हुए थे। डायवर्जन का असर दोपहर तक दिखा। नमाज के बाद पुराना बस अड्डा भी गुलजार हो गया। लाल फाटक पर अन्य दिनों की अपेक्षा वाहनों की संख्या बढ़ गई।
सुबह किला इलाके की ओर जाने वाली नमाजियों की भीड़ से इधर गहमागहमी का माहौल रहा। नमाज के बाद भी यहां लोगों और वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। ट्रैफिक के लिहाज से इधर बड़े वाहनों का प्रवेश पहले ही रोक दिया गया था, जिससे कोई खास परेशानी नमाजियों को नहीं आई। राह निकलने वाले अन्य लोगों को जरूर कुछ देर जाम जैसे हालात से जूझना पड़ा। कुतुबखाना और बिहारीपुर में भी कुछ ऐसे ही हालात रहे। दोपहर बाद इन इलाकों से राह निकलना मुश्किल था। एक बाद फिर सड़कें खाली हुईं और शाम को दोबारा गुलजार हो गईं। लोग एकदूसरे से ईद मिलने निकले तो कुतुबखाना के पास भी गहमागहमी हो गई। सर्वाधिक संख्या बाइकों की थी।
डायवर्जन का दोपहर तक रहा असर
ईद की नमाज के दो घंटे बाद तक डायवर्जन का असर देखा गया। बदायूं रोड और रामपुर रोड के वाहनों को चौपुला की ओर आने से रोक दिया गया। बदायूं रोड की सारी रोडवेज बसें भी लाल फाटक से चौकी चौराहा होकर सेटेलाइट बस स्टैंड लाई गईं तो रामपुर रोड की बसों को मिनी बाईपास सेटेलाइट लाया गया। दोपहर तक रोडवेज का पुराना बस अड्डा बेरौनक रहा। किसी भी जगह जाने वाले मुसाफिरों को सेटेलाइट बस स्टैंड से बसें मिलीं। दोपहर बाद दो बजे से बसों का डायवर्जन खत्म कर दिया गया। पुराने बस अड्डे से भी बस संचालन शुरू हो गया।