बरेली। बहेड़ी में खनन ठेकेदार द्वारा भाजपा नेताओं पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट से अवैध खनन का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सपा सरकार में खनन माफिया उस समय के विधायकों के संरक्षण में खनन निकासी करते थे। योगी सरकार में भी कुछ नहीं बदला। सिर्फ संरक्षण देने वाले माननीय बदल गए। पहले जो काम सपा विधायक अपनी देखरेख में करा रहे थे, वहीं काम अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा विधायकों ने संभाल लिया है। आंवला, मीरगंज, फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी समेत अधिकांश जगह नदियों से अनधिकृत तरीके से खनन निकासी बड़े पैमाने पर चल रही है। प्रशासन ने भी खनन निकासी पर नेताओं के सामने हथियार डाल दिए हैं। कुछ जगह खनन माफियाओं को पुलिस का भी संरक्षण है।
बहेड़ी में खनन पट्टेदार से हर महीने एक लाख की रंगदारी मांगने और मारपीट करने के आरोप में वहां के भाजपा नेता मोहन सिंह समेत पांच नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर पुलिस ने कुछ दिन पहले एफआईआर दर्ज कर दी। इसे लेकर स्थानीय विधायक छत्रपाल गंगवार, उनके समर्थकों और इंस्पेक्टर के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस खनन पट्टेदार के पक्ष में पूरी मजबूती से काम कर रही है। वहीं भाजपा विधायक भी खनन निकासी में एफआईआर दर्ज करने के विरोध में इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वहां से उनको हटवाने पर अड़े हैं। इस मामले में वह भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ एडीजी से भी मिल चुके हैं। एडीजी के निर्देश पर एसपी सिटी ने मंगलवार को इस मामले में बहेड़ी पहुंचकर खनन पट्टेदार समेत घटना में शामिल लोगों के बयान भी दर्ज किए। विधायक का इससे पहले सीओ से भी विवाद हो गया था तो वह सीओ को भी हटवाने पर अड़ गए थे। बहेड़ी में नारायण नगला, नदी जुगनू नागर, किच्छा नदी, बंजरिया में वरही नदी, बडौरा , नरसुआ, भैरपुरा, गुलरिया भवानी, कल्याणपुर, करीमगंज, भैंसिया, सिमरा, लोधीपुर, मोहम्मदपुर में खनन निकासी पूरे जोर-शोर से चल रही है। बंजरिया, टांडा और कल्याणपुर के खनन माफिया नदियों से खनन निकासी करा रहे हैं, जिनके नाम स्थानीय लोगों की जुबान पर हैं। शीशगढ़ थाने का एक कांस्टेबिल होमगार्ड की मदद से खनन निकासी करने के बदले में माफियाओं से रोजाना वसूली करते हैं। फिलहाल बहेड़ी में खनन का खेल योगी सरकार बनते ही शुरू हो गया था। अकेले खनन ही नहीं, बल्कि अवैध तरीके से जानवर काटने, खुले में मांस की बिक्री करने समेत तमाम अवैध काम चलने के पीछे बड़े नेताओं का संरक्षण माना जा रहा है। सत्ताधारी नेताओं के सामने सरकारी तंत्र पूरी तरह निष्किय है।
मीरगंज : यहां माफिया भाखड़ा नदी से अवैध खनन निकासी करते हैं। भाखड़ा नीद से सीहौर, औरंगाबाद के अलावा शाही थाना क्षेत्र के भुड़ासी, बहगुल नदी से शीशगढ़ में बसई, बैरमनगर, दुनका, जुन्हाई, गौसगंज, बीथम, नौगवां, मकड़ी खोय, दोहड़ा नदी से छोटा वसावनपुर, सेवा ज्वालापुर और रामगंगा नदी से कपूरपुर, मोहम्मदगंज, पिपरिया आदि गांवों में रोजाना खनन निकासी हो रही है। आंवला में शहर से सटे इलाके कैंट, चौबारी, बभिया, परातासपुर, नकटिया, सिरौली में गैनी से आगे रोहतापुर, सूदनपुर, खनगांवा, श्याम बहीट आदि इलाकों में अवैध खनन की निकासी भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रही है।
फरीदपुर: सरकारी तंत्र की मिलीभगत से माफिया जेसीबी से चकबंदी में लगे गांव गुलाब नगर में लंबे समय से खनन कर रहे हैं। इसकी शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता ने एसडीएम फरीदपुर से की तो चकबंदी लेखपाल और पुलिस की मदद से जेसीबी को पकड़ा गया। अब खनन माफिया पर कार्रवाई से पुलिस और राजस्व विभाग किनारा कर मामला रफा-दफा करने में लगा है। लेखपाल का कहना है कि सरकारी जमीन पर जेसीबी चल रही थी। कानूनगो को कार्रवाई करानी चाहिए। वहीं कानूनगो का कहना है कि चकबंदी वाले कार्रवाई करेंगे।
अभी हमें बरेली में आए हुए दो या तीन महीने ही हुए हैं। हम जानकारी कर रहे हैं कि खनन के इलाके कहां पर हैं। किन जगहों पर पट्टे हैं और किन जगह अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। एके श्रीवास्तव, खनन अधिकारी