बरेली। अगले साल कैंट बोर्ड में होने वाले सदस्यों के चुनाव में ‘महिला सीट’ चयन के लिए बनाए गए नए नियम पर घमासान शुरू हो गया है। सदस्यों ने अधिकारियों पर मनमाने तरीके से महिला सीट के चयन की प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाते हुए कैंट बोर्ड अध्यक्ष को नियमानुसार वार्ड के चयन की मांग की है। वहीं, अधिकारी नए नियमों के तहत महिला सीट के लिए वार्ड चयन करने पर अड़े हुए हैं।
अगले वर्ष फरवरी में कैंट बोर्ड के सदस्यों के चुनाव प्रस्तावित हैं। जिसके लिए नए सिरे से वोटर लिस्ट बनाए जाने की कवायद पिछले माह से शुरू हो गई है। कैंट क्षेत्र में पड़ने वाले स्कूलों से 14 शिक्षकों की बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगाई गई है। जो घर-घर जाकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के फार्मों का वितरण कर रहे हैं। इस बीच वार्डों में महिला सीट के चयन की चर्चा चली कि अबकी बार के कार्यकाल में महिला सीट रहे वार्डों और एक आरक्षित वार्ड को छोड़कर अन्य पर लॉटरी के तहत महिला सीट का चयन किया जाएगा। मामला प्रकाश में आते ही सदस्यों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोप है कि अधिकारी पिछले दो कार्यकाल से चल रही महिला सीट के चयन की प्रक्रिया को दरकिनार कर नई चयन प्रक्रिया लागू कर रहे हैं। जो नियमों के खिलाफ है। इस संबंध में सदस्यों वेद प्रकाश तनेजा, अब्दुल हमीद, राजकुमार ने कैंट बोर्ड अध्यक्ष को पत्र सौंपकर वर्षों से चली आ रही चयन प्रक्रिया के तहत महिला सीट का चयन करने की मांग की है।
ये है कैंट में महिला सीट चयन प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक कैंट में कुल सात वार्डों में महिला सीट चयन के लिए वर्ष 2008 में नई प्रक्रिया लागू हुई। जिसके तहत वार्ड संख्या तीन को आरक्षित (एससी) घोषित कर शेष छह वार्डों के बीच लॉटरी निकाली गई। जिसमें वार्ड सात और चार को महिला सीट बने। फिर शेष चार वार्डों के बीच लॉटरी हुई और वार्ड संख्या एक और छह महिला सीट रहे। नियमानुसार फरवरी में प्रस्तावित चुनाव में वार्ड संख्या पांच और दो को स्वत: महिला सीट होना चाहिए लेकिन अधिकारियों पर वर्तमान कार्यकाल के महिला वार्डों को छोड़कर अन्य चार वार्डों के बीच लॉटरी कराने की मंशा है। जबकि नियमानुसार तीन कार्यकाल में कोई वार्ड दोबारा महिला सीट नहीं बनाया जा सकता लेकिन लॉटरी में यह नियम टूट सकता है। जिस पर सदस्यों को आपत्ति है।
बन रही नई वोटर सूची में हो रहा ‘खेल’
कैंट में बनायी जा रही नई वोटरलिस्ट को लेकर भी बखेड़ा शुरू हो गया है। सदस्यों का आरोप है कि शिक्षक बने बीएलओ में कुछ अपने परिजन को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसलिए वे सुनियोजित तरीके से अपने संभावित विरोधियों के घर आवेदन फार्म ही नहीं पहुंचा रहे। ताकि वे वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए जाएं और वे चुनाव में जीत दर्ज करा सकें। मामले पर सीईओ को पत्र सौंपकर गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले बीएलओ पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी ओर, बोर्ड सदस्य अब्दुल हमीद ने किन्हीं कारणों से कैंट से बाहर गए वोटर्स के नाम सूची में शामिल करने पर आपत्ति जताई है। मामले पर कैंट बोर्ड अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।