बरेली। अलविदा अलविदा ए माहे रमजां अलविदा... यह खुतबा जुमे की नमाज से पहले तमाम मस्जिदों में पढ़ा गया। इसके बाद लोगों ने दो रकात नमाज अदा की और बारगाहे खुदा में कामयाबी, मुल्क में अमन, इत्तेहाद खुशहाली के लिए दुआएं मांगी।
आखिरी जुमे पर शहर की सबसे बड़ी जमात किला की शाही जामा मस्जिद में अदा की गई। जहां एक साथ दस हजार से ज्यादा लोगों ने नमाज पढ़ी। यहां मस्जिद हाल आंगन से छत और बाहर और आसपास के घरों की छतों तक नमाजियों की सफें नजर आईं। दरगाह आला हजरत में भी बड़ी जमात हुई। यहां भी मस्जिद हाल से लेकर छतों और मदरसा परिसर तक में नमाजी रहे। इसी तरह नौमहला मस्जिद हाल से आंगन और यहीं से जुड़ी दरगाह नासिरी परिसर तक नमाजी रहे। इसके अलावा शहर की चौकी चौराहा, सूफी टोला की मुस्तफाई मस्जिद और सैलानी की बारादारी मस्जिद सहित कई जगहों पर मस्जिद के बाहर तक सफें बिछाकर लोगों ने नमाज अदा की।
माहे रमजान के आखिरी जुमे को लेकर सुबह से ही लोगों में भारी उत्साह रहा। लोग दोपहर 12 बजे से पहले ही तैयार हो कर अपने अपने घरों ने निकलने लगे थे। बड़ों के साथ बच्चे तक रंगबिरंगे कुर्ते और पैजामे, पठानी सूट पहने छोटे कदमों से मस्जिदों में पहुंच रहे थे। मस्जिदों में नमाज का वक्त दोपहर 12:10 बजे से लेकर शाम चार बजे रहा। इस बीच अलग अलग मस्जिदों में अपने समय के अनुसार नमाजें अदा की गईं।