नशा बिगाड़ रहा रिश्ते और परिवार
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अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उठी नशा मुक्ति की आवाज
कादरचौक (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत गुरुवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ‘तंबाकू जहर, खुद भी बचें, परिवार को भी बचाएं’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित महिलाओं एवं आशा वर्करों ने अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशीले पदार्थों से बचाने की शपथ ली। मुख्य अतिथि डॉ. शैला लोधी ने कहा कि नशा हमेशा जीवन में कष्ट देता है और शरीर को नष्ट करता है। कम उम्र में नशा करने वाले अधिक नहीं जी पाते। उनके फेफड़े खराब हो जाते हैं, साथ ही तमाम बीमारियां लग जाती हैं।
शुक्रवार को होने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस के परिप्रेक्ष्य में गुरुवार को हुए कार्यक्रम में सीएचसी की महिला चिकित्सक डॉ. शैला लोधी ने कहा कि समाज में कई पदार्थ नशे के रूप में बिक रहे हैं। लोग उन्हें शौक से इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उन्हें अच्छी तरह पता है कि नशीले पदार्थ हानि पहुंचाते हैं। जो लोग शराब, चरस, गांजा के लती हैं, उनके परिवार में रोज कलह होती है। इस चक्कर में लोगों के कत्ल तक हो जाते हैं। इसलिए हम सबको प्रण लेना चाहिए कि कम से कम आने वाली पीढ़ी नशीले पदार्थों से बच सके। बीपीएम नाजिम खां ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है और इसे समग्रता से मिटाने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन संजीव भारद्वाज ने किया।