बरेली। करीब महीने भर पहले जिला महिला अस्पताल की सीएमएस की ओर से उनके यहां भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं को आशा वर्कर्स के जरिये ‘उड़ाकर’ निजी अस्पतालों में खींच ले जाने की शिकायत के साथ दिल्ली रोड के एक अस्पताल में पिछले सप्ताह कमीशन का मामला सेट करने के लिए आशा वर्कर्स की मीटिंग बुलाने के मामले को भी दबाए पड़ा स्वास्थ्य विभाग आखिरकार हरकत में आ गया। बुधवार को इस मामले में दिल्ली रोड के अस्पताल समेत सात अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिए गए। आशा वर्कर्स की बैठक बुलाने अस्पताल से जवाब मांगा गया कि उसने किस अधिकार और अनुमति से आशाओं की बैठक बुलाई। बैठक में आई आशाओं के नाम भी मांगे गए हैं। बाकी अस्पतालों को जांच में आशाओं से कोई कनेक्शन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आशा वर्कर्स का खेल पिछले महीने जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने पकड़ा था। जिन गर्भवती महिलाओं का सरकारी अस्पतालों में कराया जा रहा था, उन्हें सरकारी प्रोत्साहन राशि झटकने के बाद आशाएं निजी अस्पतालों में पहुंचा थीं। इसके बदले में उन्हें निजी अस्पतालों के पूरे बिल का 30 फीसदी तक कमीशन मिलने की बात सामने आई थी। आशाओं के इस खेल की वजह से महिला अस्पताल में सामान्य और सीजेरियन प्रसव का ग्राफ भी खासा गिर गया था। महिला अस्पताल की सीएमएस की लिखित शिकायत पर भी सीएमओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच दिल्ली रोड पर स्थित अस्पताल अर्क नंबर चार में कई ब्लॉकों की आशा वर्कर्स की बैठक बुलाई गई। मामला अमर उजाला में प्रमुखता से छपा लेकिन फिर भी कई दिन लीपापोती की कोशिश होती रही। तीन दिन बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ‘अमर उजाला’ में बुधवार को दोबारा यह मामला छपा तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। नोडल अधिकारी डॉ. रंजन गौतम की ओर से न सिर्फ अर्क नंबर चार बल्कि सीएमएस डॉ. अलका की ओर से बताए गए छह अस्पतालों को भी नोटिस जारी कर दिया।
डॉ. गौतम ने बताया कि इन छह अस्पतालों में गुरुनानक देव, मेदांश, नवोदय, अंकुर, रेशमा और मेट्रोविजन अस्पताल शामिल हैं। इन पर आशा वर्कर्स को लालच देकर सामान्य प्रसव की महिलाओं को अपने अस्पताल में ले जाने की बात सामने आई है। जवाब-तलब करने के साथ इन अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि यदि आशा वर्कर्स से मिल कर सामान्य प्रसव की महिलाओं को अस्पताल बुलाने और सरकारी योजना को फेल करने का मामला जांच में सही पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. विनय शुक्ल ने बताया कि जांच अधिकारी विभागीय कार्य से बाहर गए थे, इसलिए अर्क नं. 4 अस्पताल को नोटिस जारी नहीं हो सका था। बुधवार को नोटिस जारी हो गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।