बरेली। जाट रेजीमेंट सेंटर में चल रही यूनिट हेड क्वॉर्टर भर्ती रैली प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों ने ‘पक्षपात’ के आरोप लगाए हैं, जिससे सैन्य अनुशासन और निष्ठा समेत निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग रहा है। अभ्यर्थियों के मुताबिक मौजूद सैन्य अफसर जेआरसी के आश्रितों को धूप खिलने से पहले और अन्य यूनिट के आश्रितों को कड़ी धूप में दौड़ा रहे हैं। धूप से तप रहे मैदान में दौड़ने के कारण पांवों में छाले पड़ रहे हैं, जिसकी वजह से दौड़ में पिछड़ने से उनकी देश सेवा की उम्मीद धराशायी हो रही है।
बुधवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 1039 युवाओं ने सैनिक (जीडी) के पद के लिए पसीना बहाया। मंगलवार देर शाम से ही भरतौल फायरिंग रेंज के बाहर अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। देर रात दो बजे भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच के बाद प्री हाइट टेस्ट हुआ, जिसमें पास हुए 1037 अभ्यर्थियों को दौड़ के लिए जेआरसी ग्राउंड भेजा गया। वहां दौड़ में करीब दो 237 अभ्यर्थी बाहर हो गए। शेष अभ्यर्थियों में चेस्ट, हाइट, वेट, लंबी और ऊंची कूद समेत अन्य शारीरिक दक्षता से गुजारा गया, जिसमें 642 अभ्यर्थी पास हुए, जिन्हें मेडिकल कराने का टोकन दिया गया। भर्ती प्रक्रिया के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाया।
फफोले पड़े तो बिना दवा दिए बाहर निकाल दिया
अलीगढ़ से भर्ती प्रक्रिया में दम आजमाने पहुंचे अंजुमन का आरोप है कि वे अपने साथियों के साथ मंगलवार की शाम को ही बरेली पहुंच गए थे। सुबह इंट्री के दौरान पहले जेआरसी यूनिट से संबंधित अभ्यर्थियों को अंदर बुलाया गया। उनकी पहले दौड़ हुई और सुबह के ठंडे मौसम में उनमें से ज्यादातर पास भी हो गए, जबकि अन्य यूनिटों के अभ्यर्थियों को उनके बाद मौका मिला तब तक धूप खिल चुकी थी, जिसकी वजह से धूप से तप रहे मैदान में दौड़ने की वजह से उनके पांव में फफोले पड़ चुके थे। प्राथमिक उपचार के लिए सैन्य अधिकारियों के पास पहुंचे तो उन्होेंने बाहर से दवा लेने को कहकर बाहर निकाल दिया।
जिनके पास रिलेशनशिप सर्टिफिकेट है वे ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। दौड़ एथलेटिक ट्रैक पर कराई जाती है। जूते पहनकर दौड़ने का बार-बार निर्देश देते हैं फिर भी अभ्यर्थी नंगे पैर दौड़ते हैं। भर्ती ग्राउंड में बनाए गए मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। 50-50 के बैच में दौड़ कराई जा रही है। आरोप निराधार हैं।
- ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह, कमांडेंट, जेआरसी