बरेली। नाला सफाई के टेंडर को मेयर उमेश गौतम से मंजूरी न मिलने पर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. अब शासन से अनुमति लेने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि नाला सफाई जरूरी है। इसके लिए शासन को पत्र लिख रहे हैं, साथ ही स्थानीय निकाय के निदेशक को भी इस मामले से अवगत कराएंगे। शासन से अनुमति मिल जाएगी तो फिर किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच मचे घमासान में अब नाला सफाई भी फंस गई है। नगर आयुक्त ने चौथे चरण में शहर के 23 बड़े नालों की सफाई का टेंडर निकालने के लिए मेयर उमेश गौतम से अनुमति मांगी थी। करीब 1.40 करोड़ रुपये के इस टेंडर को निकालने की मेयर ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। साथ ही नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था में धांधली के आरोप लगाए। इस पर नगर आयुक्त अब शासन से अनुमति लेने की तैयारी में जुट गए हैं। उनका कहना है कि 23 बड़े नाले 27 भाग में बंटे हुए हैं। जाटवपुरा का एक नाले की सफाई का एस्टीमेट ही 24 लाख रुपये है। दस लाख रुपये से ज्यादा के टेंडर की अनुमति मेयर को है। उन्होंने अनुमति नहीं दी है इसलिए शासन को पत्र लिख रहे हैं।
कमेटी से मंजूरी के बाद होगी भुगतान
नगर आयुक्त ने बताया कि नाला सफाई के लिए क्षेत्रीय पार्षद, निर्माण विभाग के जेई और सफाई निरीक्षक की रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों से भी लिखित में लिया जाएगा। ड्रोन से निगरानी के अलावा वीडियोग्राफी भी कराएंगे। तीन स्तरीय निगरानी के बाद ही भुगतान किया जाएगा। भुगतान की दरें पीडब्ल्यूडी के अनुसार तय की गई हैं।
नाला सफाई के लिए शासन को पत्र लिख रहे हैं और डायरेक्टर लोकल बॉडी को भी अवगत कराएंगे। शासन से अनुमति मिलने के बाद किसी की अनुमति जरूरी नहीं है। नाला सफाई में भ्रष्टाचार का कोई मतलब नहीं क्योंकि अभी कोई भुगतान नहीं हुआ है।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त
शासन सब जानता है। कुष्ठ आश्रम की जमीन पर कब्जा और पोर्टेबल शॉप से लेकर नाला सफाई में हो रही गड़बड़ी के बारे में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सभी को अवगत कराया जा चुका है। यह भाजपा की सरकार है, घोटाले किसी कीमत पर नहीं चलेंगे।
- उमेश गौतम, मेयर
तुम पूछो नाला, पोर्टेबल शॉप पूछेगा ‘लाला’
बरेली। विवादों में फंसे चल रहे मेयर उमेश गौतम के ड्रीम प्रोजेक्ट पोर्टेबल शॉप मामले को लेकर निगम की बोर्ड बैठक में भी हंगामा होना तय माना जा रहा है। हालांकि, बोर्ड बैठक की अब तक कोई तारीख तय नहीं है लेकिन भाजपा के बागी पार्षद विपुल लाला ने दुकानों के आवंटन को लेकर छह सवाल लगाकर बैठक से तीन दिन पहले नगर आयुक्त से जवाब मांग लिया है।
पिछले दिनों नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने पोर्टेबल शॉप को लेकर आपत्ति उठाई थी। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट से मामले की जांच कराई गई और पूरी आवंटन प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। इसको लेकर मेयर और नगर आयुक्त के बीच काफी बयानबाजी भी हुई थी। अब भाजपा के बागी पार्षद विपुल लाला भी इस मामले में कूद पड़े हैं। उन्होंने पोर्टेबल शॉप को लेकर नगर निगम में छह सवाल लगाए हैं और बोर्ड बैठक से तीन दिन पहले जवाब मांगे हैं। इन सवालों में उन्होंने पूछा है कि इंदिरा मार्केट में कितने लोगाें को दुकान आवंटित की गई है, उनके नाम-पता, किराया क्या है, निगम की बोर्ड बैठक में फेरी नीति कब स्वीकृत हुई, इंदिरा मार्केट के अलावा पोर्टेबल शॉप कहां-कहां लगाई गई हैं और पोर्टेबल शॉप को लेकर निविदा कब मांगी गई?
पार्षद के पत्र की मुझे जानकारी नहीं है। अगर उन्होंने सवाल लगाए हैं तो उसके जवाब उन्हें बोर्ड बैठक से पहले ही लिखित में उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त