बरेली। लोकसभा चुनाव निपटते ही नगर निगम में घमासान तेज हो गया है। पार्षदों ने मेयर उमेश गौतम को दी शिकायतों में सफाई व्यवस्था में धांधली के आरोप लगाए हैं। नगरिया परीक्षित के पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड में ठेके पर पांच सफाई कर्मी भेजे गए लेकिन वे कहां काम कर रहे हैं, कुछ पता नहीं। चौधरी मोहल्ला की पार्षद ने निगम के सफाई कर्मी को ठेकेदार के साथ काम करते हुए पकड़ा। वहीं अन्य पार्षदों ने भी सफाई व्यवस्था में धांधली का आरोप लगाया है।
नगर परीक्षित के पार्षद महेश राजपूत ने मेयर को दिए पत्र में कहा है कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चौपट है। इसको लेकर उन्होंने सफाई निरीक्षक को फोन किया तो पता चला कि 20 मई से वार्ड में ठेके वाले पांच सफाई कर्मी भेजे जा रहे हैं। महेश का कहना है कि यह कर्मचारी कहां और कब भेजे गए, क्या काम कर रहे हैं, उन्हें कुछ पता नहीं है। आचार संहिता का फायदा उठाकर निगम अफसर सफाई के नाम पर धांधली कर रहे हैं और सफाई कार्य कागजों पर हो रहा है।
चौधरी मोहल्ला की पार्षद अनीता गुप्ता ने मेयर को शिकायती पत्र और फोटो देकर बताया कि उनके वार्ड का सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आता है। उन्होंने जानकारी की तो पता लगा कि वह ठेकेदार के साथ सफाई कार्य करके दोहरी कमाई कर रहा है। उन्होंने इसके फोटो भी सबूत के तौर पर मेयर को पेश किए। वहीं, गांधीपुरम वार्ड की पार्षद पूनम गंगवार ने नाला सफाई में धांधली के आरोप लगाए। कहा, उन्होंने सफाई के लिए दस नालों की सूची उपलब्ध कराई थी। मगर नाला सफाई वाली सूची में उनके क्षेत्र के एक भी नाले का नाम नहीं था। बाद में ठेके के तीन सफाई कर्मचारी नाला साफ करने के लिए पहुंचे। मगर यह बताने की जरूरत भी नहीं समझी कि कहां सफाई करेंगे जबकि पिछले दिनों यह आदेश हुआ था कि नाला सफाई का सत्यापन पार्षदों से कराया जाएगा।
नगर निगम की सफाई व्यवस्था में धांधली की जा रही है। कई पार्षदों ने शिकायत की है। नाला सफाई कहां हो रही है, पार्षदों से इसका सत्यापन भी नहीं कराया जा रहा है। इससे साबित होता है कि इसमें गड़बड़ी की जा रही है। - उमेश गौतम, मेयर