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खनन अधिकारी ने सड़क बनाने के लिए मिट्टी पटान पर लगाई रोक

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बरेली। चौबारी में रामगंगा नदी पर पुल की फोरलेन सड़क बनाने में अवैध खनन कर मिट्टी का पटान करने के मामले में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। खनन अधिकारी ने जांच पूरी होने तक रोड के लिए मिट्टी के पटान पर रोक लगा दी है। मामला फंसता देख पीडब्ल्यूडी के स्टाफ ने रामगंगा किनारे मिट्टी लेने के लिए खनन अधिकारी से परमीशन लेने के लिए प्रपत्र ले लिए हैं। खनन अधिकारी का कहना है कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी का प्रांतीय खंड रामगंगा चौबारी में निर्माणाधीन नए पुल की एप्रोच सड़क का निर्माण करा रहा है। पुल की दोनों साइड में करीब साढ़े चार सौ मीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। इस प्रोेजेक्ट में करीब 20 लाख रुपये मिट्टी के पटान का खर्च भी जुड़ा है। इसके निर्माण में अब यह गड़बड़ी सामने आई है कि मिट्टी खरीदकर उसका पटान करने के बजाय रामगंगा के किनारे अवैध खनन कर इसकी आपूर्ति हो रही है, जबकि पीडब्ल्यूडी ने सड़क के पटान के लिए प्रशासन से मिट्टी के खनन की अनुमति भी नहीं ली है।
गड़बड़ी का यह मामला सामने आने के बाद जिला खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने सड़क निर्माण के लिए मिट्टी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी पर रॉयल्टी भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन अनुमति के बगैर मिट्टी का पटान नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन मनोज कुमार पांडेय पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन हरबंश सिंह से स्पष्टीकरण मांग चुके हैं। गर्दन बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी का स्टाफ खनन अधिकारी के कार्यालय से खनन की परमीशन के लिए फार्म ले गया है।
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मिट्टी पर रॉयल्टी जमा नहीं होती है, लेकिन खनन के लिए परमीशन लेनी जरूरी है। इसलिए सड़क बनाने के लिए मिट्टी के पटान पर रोक लगा दी है, जबकि पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के जवाब के बाद कार्रवाई होगी।
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- अनुराग श्रीवास्तव, जिला खनन अधिकारी
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