बरेली। चौबारी में रामगंगा नदी पर पुल की फोरलेन सड़क बनाने के लिए अवैध खनन कर मिट्टी डाली जा रही है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों और ठेकेदार का मिट्टी की रकम में घपलेबाजी करने की पुष्टि खनन अधिकारी की जांच में भी हुई है जिसमें पाया गया है कि पीडब्ल्यूडी की ओर से मिट्टी के खनन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति ही नहीं ली गई है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम वित्त मनोज कुमार ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
सड़कों के निर्माण में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी का प्रांतीय खंड रामगंगा चौबारी में निर्माणाधीन नए पुल की एप्रोच सड़क का निर्माण करा रहा है। पुल की दोनों साइड में करीब साढ़े चार सौ मीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। सड़क बनाने में करीब 20 लाख रुपये मिट्टी के पटान का खर्च भी जुड़ा है। इसके निर्माण में अब यह गड़बड़ी सामने आई है कि मिट्टी खरीदकर उसका पटान करने के बजाय रामगंगा के किनारे अवैध खनन कर इसकी आपूर्ति हो रही है, जबकि मिट्टी के खर्च का बंदरबांट करने की तैयारी है। खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव के पास भी ये शिकायत पहुंची थी कि मिट्टी का अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। जांच में यह गड़बड़ी भी सामने आई कि पीडब्ल्यूडी ने सड़क के पटान के लिए प्रशासन से मिट्टी के खनन की अनुमति भी नहीं ली है। एडीएम प्रशासन मनोज कुमार पांडेय ने इस मामले की जांच शुरू कराते हुए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन हरबंश सिंह से जवाब मांगा है।
पुल निर्माण का पता नहीं, बनने लगी एप्रोच रोड
रामगंगा पर 670.88 मीटर लंबे पुल का निर्माण जून 2016 में 46.73 करोड़ रुपये से स्वीकृत हुआ था, लेकिन ये काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। सेतु निगम इकाई-एक के अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी आड़े आ जाने से ये ब्रिज नहीं बन पा रहा है, जबकि इसके संशोधित बजट 59.89 करोड़ की डिमांड भेजी जा चुकी है। अब पुल का करीब 40 फीसदी काम पूरा होना है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इसकी अभी से ही एप्रोच सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है। अभी सड़क की जरूरत न होने से सड़क की रकम बर्बाद होने की संभावना है।
फोरलेन सड़क बनाने में अवैध खनन कर मिट्टी का इस्तेमाल किए जाने के मामले पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को नोटिस भेजा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम फाइनेंस
अवैध खनन करने वालों की लिस्ट प्रशासन तक पहुंची
रामगंगा नदी के किनारे ग्राम अंगूरी, रौंधी, मिलक, बिरिया नारायनपुर, ऊंचा गांव के समीप अवैध खनन हो रहा है। जेसीबी मशीन से चोरी छिपे खनन करने वाले सात लोगों के नाम की लिस्ट भी प्रशासन के पास पहुंच गई है। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने सीओ सिटी द्वितीय को कार्रवाई के लिए आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए पिछले साल मार्च में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी शामिल किया गया था। निर्देश थे कि खनन संबंधी कोई भी कार्रवाई ये टीम संयुक्त तौर से करेगी, जबकि चौकी प्रभारी खनन संबंधी रिपोर्ट सीधे एडीएम प्रशासन को भेज रहे हैं, जबकि वह टीम में शामिल भी नहीं हैं। एडीएम ने इस पर आपत्ति जाहिर की है।