बरेली। आंवला में गठबंधन प्रत्याशी रुचिवीरा ने किन हालात में चुनाव लड़ा था, यह उनकी ओर से प्रशासन को सौंपी मतगणना एजेंटों की सूची से साफ हो गया है। इस सूची में उन्होंने सपा और बसपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताने के बजाय शत-प्रतिशत तौर पर बिजनौर के अपने विश्वासपात्र लोगों के नाम दिए हैं। हालांकि दूसरे जिले के लोगों को इतनी ज्यादा संख्या में मतगणना एजेंट बनाए जाने पर प्रशासन की ओर से आपत्ति कर दी गई है। डीएम ने लिस्ट में स्थानीय लोगों को शामिल न कराने पर बिजनौर के लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की चेतावनी भी दे दी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक रुचिवीरा स्थानीय संगठन के लोगों से नाराज हैं। उनका मानना है कि बरेली में सपा और बसपा संगठन के लोगों ने चुनाव में उनका अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसी वजह से अब उन्होंने काउंटिंग एजेंट बनाने के लिए अपने जिले बिजनौर के कार्यकर्ताओं की सूची प्रशासन को सौंपी है। इस सूची में स्थानीय कार्यकर्ता शामिल नहीं हैं। यहां तक कि उनके विश्वासपात्र माने जाने वाले बीआर सागर तक काउंटिंग एजेंट बनाने के लिए दौड़धूप कर रहे हैं।
दूसरे जिले के कार्यकर्ता प्रशासन को कबूल नहीं
रुचिवीरा की लिस्ट में बिजनौर के सभी नाम देखकर प्रशासन चौकन्ना हो गया। दरअसल पिछले दिनों विपक्षी दलों ने कुछ ऐसे संदेश खुफिया विभाग ने सोशल मीडिया पर पकड़े थे जिनमें कहा गया था कि अगर मतगणना का रुझान पक्ष में जाता न दिखे तो हंगामा किया जाए। इंटेलीजेंस मुख्यालय की ओर से इसके बाद सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आगाह कर दिया गया है। इसी के चलते प्रशासन ने रुचिवीरा की लिस्ट पर आपत्ति जता रहा है। डीएम वीके सिंह ने सोमवार शाम बैठक में प्रत्याशी और दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी एजेंट दूसरे जिले के नहीं होने चाहिए।
हमसे आईडी और फोटो आदि मांगे गए थे जो हमारी ओर से दे दिए गए हैं। यह जानकारी नहीं है कि सभी एजेंट बिजनौर के क्यों लगाए जा रहे हैं। स्थानीय संगठन ने चुनाव में पूरा सहयोग किया था।
- राजेेश सागर, बसपा जिलाध्यक्ष
दूसरे जिले से आंवला में एजेंट बनाने की जानकारी नहीं है। वैसे प्रत्याशी अपने विश्वासपात्रों को ही लगाता है। दूसरे जिलों के कार्यकर्ता लगाए जा सकते हैं। हमसे नाम और फोटो मांगे थे, जो दे दिए हैं।
- शुभलेश यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष
मतगणना में मौजूद रहेगें इंजीनियर
निर्वाचन आयोग ईवीएम मशीनों में कोई तकनीकी खराबी होने की स्थिति में उसे तुरंत दूर कराने को हर जिले में अनुभवी इंजीनियर तैनात कर रहा है। आयोग ने ईसीआईएल संस्थान से इंजीनियर मांगे हैं। बरेली में रूपेश कुमार शिवा और प्रमोद कुमार नामित हुए हैं। सभी नामित इंजीनियर 21 मई तक आवंटित जिलों में पहुंचकर कार्यभार संभालेंगे।