फैल्सीपेरम मलेरिया के बाद डेंगू के संदिग्ध मरीजों की बाढ़ आ गई है। देहात के साथ शहरी क्षेत्रों में डेंगू केे संदिग्ध मरीज सामने आने लगे हैं। मंगलवार को आंवला में रहने वाले एक कांग्रेस नेता की पत्नी की डेंगू के इलाज के दौरान मौत हो गई। उनका पीलीभीत हाईवे स्थित बड़े अस्पताल में इलाज चल रहा था। निजी अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इसकी नोटिफिकेशन सीएमओ कार्यालय को भेजी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक बरेली में यह डेंगू से पहली मौत बताई जा रही है।
अभी फैल्सीपेरम और वाई वैक्स मलेरिया के मरीजों में कमी भी नहीं आई थी कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के मुताबिक प्रतिदिन करीब 200 से ज्यादा डेंगू संदिग्ध मरीज अस्पतालों में आ रहे हैं। लैबों से संपर्क करने पर सामने आया कि डेंगू तीन तरह का होता है। डेंगू हैमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम की श्रेणी खतरनाक होती है। सामने आने वाले मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
डॉक्टर एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस-1) करा रहे हैं। सिर्फ जिला अस्पताल की लैब से 73 डेंगू मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट लैब को भेजी जा चुकी हैं। वहीं एसआरएमएस से 14 मरीज, दो निजी अस्पतालों से दो डेंगू के मरीज और राजेंद्रनगर की नीलम व नवाबगंज के एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार को डेंगू से आंवला के कांग्रेस नेता इजहार अंसारी की पत्नी जरा की मौत पीलीभीत हाईवे स्थित निजी अस्पताल में होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।