खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आध्यात्मिक गुरु बताकर वीवीआईपी प्रोटोकॉल लेने वाले पुलकित महाराज को सोमवार को देर रात तक दिल्ली की क्राइम ब्रांच टीम के साथ इधर-उधर भटकना पड़ा। क्राइम ब्रांच उसे लेकर ज्यादातर ऐसी जगहों पर पहुंची जहां गिरफ्तारी से पहले उसने अपना जलवा दिखाया था। सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच इस बात की भी जांच कर रही है कि पुलकित के विदेशी यात्राएं करने के पीछे क्या राज छिपा हुआ है।
पुलकित मूल रूप से आंवला के गांव अनिरुद्धपुर का रहने वाला है। लिहाजा क्राइम ब्रांच उसके दिल्ली, नोएडा और हरियाणा के कनेक्शन के साथ बरेली में भी उसकी गतिविधियों को लेकर सघन जांच कर रही है। उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है। देखा जा रहा है कि उसके परिवार के लोग क्या करते हैं। वह गांव से निकलकर दिल्ली तक कैसे पहुंचा। इसी सिलसिले में क्राइम ब्रांच टीम ने सोमवार देर तक उसके ठिकानों पर छानबीन की। मंगलवार को भी उसे बदायूं और शाहजहांपुर में उसके बताए ठिकानों पर जाकर पूछताछ की।
गर्मी की छुट्टियों में पुलकित महाराज अपनी निजी सचिव पारुल पाठक के साथ विदेश यात्रा पर गया था। उसने लंदन में कई स्थानों के घूमते हुए और लोगों से मिलते हुए फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए थे। सूत्रों के मुताबिक करीब 20 दिन के इस टूर पर पुलकित कहां-कहां गया और किन-किन लोगों से मिला, क्राइम ब्रांच इसके साक्ष्य भी जुटाने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि पुलकित का पासपोर्ट कैसे बना। इस पर उसने अपना पता अपने गांव अनिरुद्धपुर का दिया है या फिर दिल्ली, गुड़गांव या गाजियाबाद में निवास दिखाया है।
रिश्तेदारों को दिखाई थी पीएम का ‘गुरु’ होने की धमक
सिरौली। खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आध्यात्मिक गुरु बताने वाला पुलकित चार महीने पहले शिवपुरी गांव में अपनी रिश्तेदारी में पूरी धमक के साथ आया था। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल उसके आगे पीछे चल रहा था। छोटे-बड़े अफसर जयहिंद कहकर उसे सलामी देने में लगे थे। शिवपुरी में भारी संख्या में ग्रामीण पुलकित के दर्शन करने आए। अब पुलकित का फर्जीबाड़ा सामने आने के बाद गांव के लोग आश्चर्यचकित हैं।