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कौड़ियों के भाव बेंच दी लाखों कुंतल चीनी, हुआ करोड़ों का घाटा

Wed, 06 Jun 2018 01:18 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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चीनी
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किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर में किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ लखनऊ के अधिकारी निजी व व्यापारियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए कौड़ियों के भाव लाखों कुंतल चीनी बेंचकर मिल को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है।
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किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर की उत्पादित चीनी को बेचने का कार्य मिल के प्रधान प्रबंधक के जरिये उ0प्र0 चीनी मिल संघ लखनऊ के अधिकारीयों के निर्देश पर होता है। बताया जाता है कि पिछले दिनों चीनी का बजार भाव 2700 रुपये व 2800 रुपये के स्तर पर थी। उसी बीच चीनी मिल का एक नंबर की चीनी गोदाम की दीवार ढह जाने से हजारों बोरी चीनी बिखर गई और लाखों का नुकसान हुआ। आरोप है की चीनी को खपाने के बहाने तथा संघ के अधिकारी अपनी निजी लाभ कमाने के लिए बड़े-बड़े व्यापारियों से सांठ गांठ कर चीनी के निर्धारित भाव से कम रेट 2435 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से एक लाख साठ हजार बोरी का सौदा कर चीनी का डीओ भी कटवा दिया और उठान शुरू करा दिया। इस प्रकार लगभग 300 से 400 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से तीन से चार करोड़ का मिल को घाटा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चीनी मिल किसानों को गन्ना मुल्य भुगतान करने में पहले से ही कराह रही थी अब करोड़ों का घाटा होने से तत्काल गन्ना मुल्य भुगतान होने के आसार क्षीण हो गए है।

कम रेट पर चीनी बेचने में दो अधिकारी सस्पेंड
खजुरिया। उप्र सहकारी चीनी मिल संघ लखनऊ के अधिकारियों द्वारा प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों की चीनी कम रेट पर बेचने के आरोप में शासन ने दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उप्र सहकारी चीनी मिल संघ लखनऊ के अधिकारियों द्वारा कम रेट पर व्यापारियों से प्रदेश में कई चीनी मिलों की चीनी बेचने का सौदा एक दो लाख नहीं बल्कि 18 लाख कुंतल चीनी बेचने का सौदा 19 व 21 मई 2018 कोे हुआ था। इसमें करीब 09 लाख कुंतल चीनी आढ़तियों ने मिलों से उठान कर ली तब इसकी भनक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगी तब संघ के प्रबंध निदेशक विमल कुमार दुबे को सीएम ने तलब कर पूछताछ की तो उन्हाेंने कम रेट पर चीनी बिक्री की पुष्टि की। इसके बाद संघ के महा प्रबंधक (बिक्री) मुश्ताक अली व उप प्रबंधक सर्वोदय बाजपेयी को तलब किया गया। उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होकर शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि अधिकारियों की इस मनमानी से प्रदेश के सहकारी चीनी मिलों को करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। वहीं किसान गन्ना मूल्य भुगतान को आंदोलनरत है जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है। संपूर्णानगर क्षेत्र के किसानों ने उक्त मामले में सीएम से उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराने की मांग की है।
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लाखों कुंतल चीनी बिक्री के बावजूद गोदाम खाली नहीं हुआ
खजुरिया। चीनी मिल के अधिकारियों की लापरवाही के कारण गोदाम नंबर एक में क्षमता से अधिक चीनी भंडारण से 1 मई 2018 को दीवार गिर जाने से लाखों का नुकसान हुआ था। हादसा के एक माह के अधिक का समय गुजर जाने व लाखों कुंतल चीनी बिक्री हो जाने के बावजूद गोदाम नंबर एक से चीनी का उठान नहीं हो सका है। बरसात का समय आ गया है कभी भी बारिश होने पर लाखो के नुकसान से इंकार नही किया जा सकता है।

वर्जन
कम रेट पर कितनी चीनी बिक्री हुई है यह कागजात देखने के बाद ही बता सकता हूं। गोदाम नंबर एक से चीनी के उठान के संबंध में बताया कि दो-चार दिन में पूरी चीनी का जब उठान हो जाएगा जो शेष बचेगी उसे दूसरे गोदाम में शिफ्ट किया जाएगा। बरसात में चीनी खराब नहीं होगी। कम रेट में चीनी बिक्री पर अधिकारियों के निलंबन की पुष्टि भी हुई है।
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- प्रताप नारायन, प्रधान प्रबंधक, संपूर्णानगर चीनी मिल
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