बरेली। आवासीय नक्शा पास कराकर कॉमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों के लिए बीडीए ने कंपाउंडिंग के लिए समाधान शिविर लगाया है, लेकिन लोगों को इसमें दिक्कत यह आ रही है कि इंपैक्ट फीस के लिए उन्हें मोटी रकम का इंतजाम करना है, जिसे देखते हुए बीडीए ने दो निजी बैंकों से अनुबंध किया है। ये बैंक बीडीए में ही कैंप लगाएंगी और इंपैक्ट फीस जमा करने के लिए लोन की सुविधा देंगी।
बीडीए सात से 29 मई तक एकल विंडो सिस्टम की तर्ज पर सुविधा देने के लिए इस शिविर का आयोजन कर रहा है। इसमें कई लोगों को एकमुश्त इंपैक्ट फीस जमा करने में असुविधा झेलनी पड़ रही है। इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया। बैंक अफसरों ने इसे लेकर सहमति जताई कि इंपैक्ट फीस जमा करने के लिए जिन लोगों को ऋण की जरूरत होगी उनकी औपचारिकता प्राथमिकता के साथ पूरी कराई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार से बीडीए के शिविर में बैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे। लोन लेने वाले लोगों को आसान किस्तों में जमा करने की भी सुविधा प्रदान की जाएगी। बृहस्पतिवार को भी शिविर में लोगों ने पहुंचकर कंपाउंडिंग के लिए प्रपत्र लिए।
व्यापारी बोले... इंपैक्ट फीस के नाम पर वसूले जा रहे 25 से 30 लाख रुपये
बीडीए के समाधान शिविर का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रांतीय उद्योग व्यापारी मंडल समिति की मीटिंग हरी मंदिर बरात घर में हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि बीडीए व्यापारियों के 20 से 30 साल पुराने नक्शे दिखाने को कह रहा है। इंपैक्ट फीस के नाम पर भी 25 से 30 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली जा रही है। इससे व्यापारियों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। महामंत्री सुदेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी नोटबंदी और जीएसटी लागू होने केबाद मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में बीडीए उत्पीड़न कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर पवन अरोड़ा, नीलेश अग्रवाल, राजीव जुनेजा, हरप्रीत सिंह सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
इंपैक्ट फीस जमा करने को लेकर आ रहीं दिक्कतों को देखते हुए बैंक अधिकारियों से बात हो गई है। ऐसे लोगों को फीस जमा करने के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध होंगे।
- दिव्या मित्तल, बीडीए वीसी