बरेली। केंद्र सरकार ने दूध, इडेबिल ऑयल, चावल, आटा और नमक में मिनरल और विटामिन ए (सूक्ष्म पोषक तत्व) की मौजूदगी अनिवार्य कर दी है। एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन) अफसरों ने बरेली और मुरादाबाद की संयुक्त सेमिनार में नए कानूनों से अवगत कराया। साथ ही बताया कि पहली जुलाई से नए कानून पालन कराने को अभियान भी चलेगा। अफसरों ने आग्रह किया कि उत्पादक और व्यापारी अभी से इसका पालन शुरू कर दें।
मंगलवार सुबह परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बीएल एग्रो सभागार में आयोजित सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बरेली और मुरादाबाद के उत्पादक, व्यापारी और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त संजय पांडे ने बताया कि सरकार ने खानपान और खाद्य पदार्थाें की गुणवत्ता और उसमें मिनरल और विटामिन ए की निर्धारित मात्रा तय कर दी गई। उन्होंने बताया कि दूध, इडेबिल ऑयल, चावल, आटा और नमक उत्पादों में शत प्रतिशत फोर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसलिए एफएसएसएआई से अनुमोदित फर्म को पैकेजिंग आदि मानक के अनुरूप होगी। पांडे ने बताया कि देश में करीब 70 करोड़ लोग मिनरल और विटामिन ए की कमी से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले इडेबिल ऑयल में मानकों को पूरा कराया जा रहा है। जिले में बीएल एग्रो, केईओ, प्रिया एग्रो, सतीश अग्रवाल समेत पांच उत्पादकों ने इसका पालन भी शुरू कर दिया है। इस मौके पर कारोबारियों को ब्लू रिंग और अन्य तकनीकी परीक्षण सिखाए गए।
पांडे ने बताया कि बाल पुष्टाहार, आंगनबाड़ी आदि सरकारी योजनाओं में वितरित होने वाले खाद्य पदार्थों में मिनरल और विटामिन ए सुनिश्चित किया जाएगा। केएचएचपी कर्नाटक से आईं राज्य सलाहकार जया त्रिपाठी और पूजा त्रिवेदी आदि ने तकनीकी जानकारी दी। इस मौके पर प्रश्नोत्तर कार्यक्रम हुआ।