बरेली। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन बदरुश्शरिया मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) ने शबे बारात पर हुड़दंग और आतिशबाजी से बचने की ताकीद की है। उन्होंने यह बात दरगाह स्थित टीटीएस मुख्यालय पर शबे बारात की फजीलत बयान करते समय कही।
अहसन मियां ने कहा कि माहे शाबान की पंद्रहवीं शब को शबे बारात कहा जाता है। ये शब गुनाहों से निजात की शब है। मजहबे इस्लाम में इस शब की बड़ी अहमियत बयान की गई है। अल्लाह के रसूल ने कहा कि इस रात कयाम (इबादत) करो और इसके दिन का रोजा रखो। दिन में गुरूब-ए-आफताब (सूर्यास्त) के वक्त से ही अल्लाह की रहमत आसमाने दुनिया पर नाजिल होती है। उन्होंने खासतौर से नौजवानों को नसीहत करते हुए कहा कि मुसलमान इस रात आतिशबाजी और सड़कों पर हुड़दंग करने से बचें। इस्लाम की तालीम पर अमल करते हुए कोई ऐसा काम हरगिज न करें जिससे किसी को परेशानी हो। इस दौरान मुफ्ती बशीर उल कादरी, शाहिद नूरी, नासिर कुरैशी, औरंगजेब नूरी, हाजी जावेद खान, मंजूर खान, ताहिर अल्वी, अजमल नूरी, परवेज नूरी आदि मौजूद रहे।