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‘राजनीति में साम, दाम, दंड, भेद सब कुछ चलता है’

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बरेली। रंगालय एकेडमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर सोसायटी की ओर से आयोजित 10वें बरेली रंग महोत्सव ‘बरंगम 2019’ के तीसरे दिन मंच पर भावनाओं को उभारने और सामाजिक ताने-बाने को सुलझाने का प्रयास कलाकारों ने किया। कर्मा थिएटर दिल्ली के कलाकारों ने नाटक ‘इन्ना की आवाज’ का मंचन किया।
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असगर वजाहत द्वारा लिखित और योगेश द्वारा निर्देशित नाटक में दिखाया कि इन्ना नाम का व्यक्ति मजदूर से सल्तनत का मालिक बनता है तो उसके भीतर का आम इंसान दम तोड़ने लगता है। दर्शाया गया कि सत्ता के शीर्ष पर जमे रहने के लिए साम, दाम, दंड व भेद से परहेज नहीं करना चाहिए। इसके बाद अखिल भारतीय एवं लोक कला प्रतियोगिता हुई, जिसमें कोलकाता से आए नाट्य दल ऐसो नाटक सीखी ने नाटक ‘एक मैदान के लिए’ का मंचन किया। डॉ. तापस द्वारा निर्देशित नाटक में दिखाया गया की भौतिकता की दौड़ में हरियाली खत्म हो रही है। फिर बीकानेर के उड़ान थिएटर के नाट्य दल ने मंजुलता रांकावत द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘वो आखिरी पड़ाव’ का मंचन किया। आखिर में दिल्ली के थिएटर यूनिट के रामप्रिय गंगवार ने एकल नाटक ‘पॉप कॉर्न’ का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र कुमार ने किया।
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