जिला योजना से विभागों को मिले 4.65 अरब रुपये
लखीमपुर खीरी। जिला योजना समिति की बैठक में वर्ष 2018-19 में अनुमोदित परिव्यय पांच अरब 33 करोड़ 23 लाख के सापेक्ष सभी विभागों को मिले बजट पर चर्चा हुई, जिसके साथ ही वर्ष 2019-20 के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। सीडीओ रवि रंजन ने कहा कि जिन विभागों ने वर्ष 2019-20 के लिए कार्ययोजना नहीं दी है, वे सात जनवरी शाम तक जमा कर दें। सीडीओ ने कहा कि आचार संहिता लगने से पहले प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में बैठक कराकर प्रस्तावों का अनुमोदन कराया जाना है। विकास भवन सभागार में डीएसटीओ तिलक सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 में अनुमोदित कुल परिव्यय पांच अरब 33 करोड़ 23 लाख के सापेक्ष चार अरब 65 करोड़ की धनराशि संबंधित विभागों को मिल चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा तीन अरब 42 करोड़ 56 लाख 61 हजार रुपये पंचायत राज विभाग को शौचालय बनाने के लिए मिले हैं। पंचायत राज विभाग को 50 करोड़ 24 लाख रुपये बजट अनुमोदित था, जिसके सापेक्ष मिली धनराशि 681 प्रतिशत है। बजट के मामले में दूसरे नंबर पर प्रधानमंत्री आवास योजना रही, जिसमें एक अरब 55 करोड़ 35 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग को दो करोड़, पीआरडी को 4.06 लाख, जल निगम को 1.60 करोड़ मिले हैं। समीक्षा के दौरान इस बात की शिकायत हुई कि 15 विभागों दुग्ध, एनआरएलएम, डीआरडीए, मनरेगा, नेडा, पंचायत, राजकीय लघु सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, पर्यटन, सीएमओ, समाज कल्याण, प्रोबेशन आदि से निर्धारित प्रारूप पर मासिक रिपोर्ट नहीं दी जा रही है।
वर्ष 2019-20 के लिए कुल 38 विभागों में से आठ विभागों ने अभी तक प्रस्ताव नहीं दिए हैं, जबकि जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने बताया कि 15 में से छह ब्लाकों ने प्रस्ताव नहीं दिए हैं। लघु सिंचाई, पर्यटन, प्राविधिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पीआरडी, एलोपैथिक, नगरीय पेयजल, होम्योपैथिक और आईटीआई के प्रस्ताव ज्यादा होने पर सीडीओ ने कम करके दोबारा प्रस्ताव जमा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पीडी रामकृपाल चौधरी, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद आदि अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि एई एमआई, बीएसए और सीएमओ अनुपस्थित रहे, जिसका संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने स्पष्टीकरण मांगा है।