बरेली। शनिवार एक दिसंबर को मेयर उमेश गौतम की जीत को एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान भाजपा की ओर से तो कोई आयोजन नहीं किया गया लेकिन सपाइयों ने सबसे भ्रष्ट एक साल बताते हुए नगर निगम में दोपहर बाद तक धरना दिया। वहीं, ईंट पजाया और स्टेडियम रोड के अतिक्रमणकारियों ने फिर कब्जा जमा लिया। कबाड़ी से लेकर रेत-बजरी तक का कारोबार फिर सड़क किनारे ही शुरू कर दिया गया, मगर नगर निगम खामोश होकर सब होते देख रहा है।
पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम के निर्देश पर नगर निगम की टीमों ने ईंट पजाया चौराहे पर बुल्डोजर चलाकर आधे-आधे मकान धराशायी कर दिए थे। काफी विवाद भी हुआ और तनाव की स्थिति भी बनी थी। मगर मेयर ने सख्ती दिखाकर पूरा कब्जा खाली करा लिया। इसके बाद नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ राजनीति की भेंट चढ़ गया। शनिवार एक दिसंबर को मेयर उमेश गौतम की जीत को एक साल पूरा हो गया। इस दौरान ईंट पजाया चौराहा फिर अतिक्रमण में घिरा नजर आया। चौराहे पर ही कबाड़ियों ने सड़क का फुटपाथ कब्जा करके फिर कारोबार शुरू कर दिया है।
स्टेडियम रोड बन गया रेत-बजरी का बाजार
अतिक्रमण करने वालों ने स्टेडियम रोड को रेत-बजरी का अवैध बाजार बना दिया है। संजयनगर मोड़, भाजपा कार्यालय के बाहर, डीडीपुरम मोड़, डेलापीर पेट्रोलपंप समेत जगह-जगह रेत-बजरी के बड़े-बड़े ढेर फुटपाथ पर लगे हैं। बाकी बची जगह अस्पताल आदि की पार्किंग ने घेर रखी है। इसी रोड पर एक जगह कबाड़ी ने फुटपाथ का एक बड़ा हिस्सा कब्जा करके कबाड़खाना बना दिया है।
सैलानी रोड भी पुरानी स्थिति में लौटी
कभी बरेली-बीसलपुर मार्ग के नाम से जानी जाने वाली इस सड़क को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान ट्रक निकलने भर को चौड़ा बना दिया गया था। मगर अब यह रोड फिर से पुरानी स्थिति में लौट आई है। दुकानों काफी सामान सड़क किनारे सजा है। इसकी वजह से दिन में कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है।