बांकेगंज। कस्बा से पांच किलोमीटर दूर गिरधरपुर गांव के गन्ने के खेत में मंगलवार शाम एक तेंदुआ शावक दिखाई पड़ा। उसे देखने के लिए वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे रेंजर बनारसीदास मौर्य तेंदुआ शावक की निगरानी करते रहे। रेंजर का दावा है कि रात के समय मादा तेंदुआ शावक को अपने साथ लेकर जंगल में चली गई।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला पश्चिम बीट स्थित गिरधरपुर गांव के निकट मंगलवार शाम ज्ञानी के गन्ने के खेत में एक तेंदुआ शावक बैठा दिखाई दिया। गांव के बगल गन्ने के खेत में तेंदुआ शावक के दिखाई पड़ने पर वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। बावजूद इसके शावक खेत में बैठा रहा। बाद में ग्रामीणों ने मादा तेंदुआ की मौजूदगी को लेकर गन्ने के खेत में हांका लगाया, बावजूद इसके उन्हें मादा तेंदुआ नहीं मिली। परेशान ग्रामीणों ने इसकी सूचना गोला रेंजर बनारसीदास मौर्य को दी। सूचना पर आनन-फानन वन कर्मियों की टीम के साथ गांव पहुंचे रेंजर ने तेंदुआ शावक की निगरानी शुरू कर दी। रेंजर ने बताया कि वह स्वयं और वन कर्मियों की टीम तेंदुआ शावक की रातभर निगरानी करते रहे लेकिन मादा तेंदुआ नहीं आई। उनका दावा है बुधवार सवेरे शावक गन्ने के खेत में नहीं मिला। संभवत: मादा तेंदुआ शावक को अपने साथ लेकर जंगल चली गई है।