बरेली। दिवाली और छठ पर रूटीन ट्रेनों की भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाईं। मगर इन ट्रेनों ने यात्रियों को दगा दे दिया। स्पेशल ट्रेनें आठ से दस घंटे देरी से चलने के कारण यात्री काफी परेशान हुए और मजबूरन भीड़ भरी ट्रेनों में सफर किया ताकि समय पर घर पहुंच सकें।
दिवाली की छुट्टी के बाद शनिवार से लोगों की वापसी शुरू हो चुकी है और रविवार को भीड़ ज्यादा बढ़ेगी। काफी लोगों ने तो तीन महीने पहले से रिजर्वेशन करा रखा था, लेकिन वेटिंग टिकट कंफर्म नहीं हो पाते। इसके लिए रेलवे ने दिवाली और छठ पर 18 स्पेशल ट्रेनें भी चलाईं, जिससे यात्रा सुविधाजनक हो। इनका किराया भी ज्यादा था। इसके बावजूद रेलवे ने रूटीन की ट्रेनों को प्राथमिकता देकर गुजारा। इसके चलते स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री समय पर घर नहीं पहुंच सके। शनिवार को दिल्ली स्पेशल दस घंटे, नई दिल्ली-दरभंगा आठ घंटे, चंडीगढ़ गोरखपुर एक्सप्रेस 11 घंटे, दिल्ली-मुजफ्फरनगर एक्सप्रेस सात घंटे, आनंद विहार-छपरा स्पेशल समेत कई अन्य स्पेशल ट्रेनें भी लेट रहीं। इनकी अपेक्षा अक्सर देरी से चलने वाली सियालदह, गुवाहाटी, काशी विश्वनाथ, श्रमजीवी, सत्याग्रह, हिमगिरि एक्सप्रेस आदि समय से जंक्शन पहुंची। यात्रियों का कहना था कि ज्यादा किराया लेने के बावजूद रेलवे स्पेशल ट्रेनों को समय पर नहीं चला सका। वहीं मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने रविवार को भीड़ नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ को मुस्तैद रहने के आदेश दिए हैं।