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लिंग भंग मामले में दो किन्नर समेत तीन को उम्र कैद

Fri, 04 May 2018 01:17 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते विरोधी किन्नर के साथ बतौर पति रहने वाले हिस्ट्रीशीटर शहीम खां उर्फ राजू शमीम का गुप्तांग काट देने के दस साल पुराने बहुचर्चित मामले में बृहस्पतिवार को अदालत ने दो किन्नरों समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में तीनों आरोपियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और इसमें से आधी रकम पीड़ित को देने का आदेश दिया।
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सीबीगंज के गांव बिधौलिया में रहने वाले शहीम खां ने थाना सीबीगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी कि वह आठ फरवरी 2008 को श्मशान घाट क्रॉसिंग के पास मीनाक्षी किन्नर के घर गया था, जहां उसे पूनम किन्नर, काके, आशा किन्नर और सलीम भी मौजूद थे। एक डॉक्टर भी था जिसका नाम वह नहीं जानता लेकिन सामने आने पर पहचान सकता था। शहीम का आरोप था कि ये सभी लोग उसे जबरन मीनाक्षी किन्नर के घर की छत पर ले गए जहां उसे गिराकर बेहोश करने के बाद उसका नाजुक अंग काट दिया।
शहीम के मुताबिक उसे होश आया तो उसने अपनी पत्नी सरोज किन्नर को बुलाकर सारा वाकया बताया। एफआईआर में कहा गया था कि मीनाक्षी किन्नर धंधे की प्रतिद्वंद्विता की वजह से उससे रंजिश मानती थी। मुकदमे की सुनवाई के ही दौरान मीनाक्षी किन्नर और सलीम की मौत हो गई। आरोपी डॉक्टर का पुलिस पता नहीं लगा सकी। पुलिस ने आशा किन्नर, पूनम किन्नर और काके के खिलाफ 6 अप्रैल 2010 को आरोपपत्र दाखिल किया।
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अभियोजन की ओर से सरकारी वकील केएम खान ने शहीम खां, सरोज किन्नर और डॉ. गोपाल दत्ता समेत कुल आठ गवाह पेश किए। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने भी पक्ष रखा। बचाव में अभियुक्तों की ओर से कहा गया वादी शहीम खां आपराधिक प्रवृति का है। उसके खिलाफ कई मुकदमे थे। उसे डर था कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। एनकाउंटर से बचने के लिए वह मीनाक्षी किन्नर के साथ काम करना चाहता था। मना करने पर झूठा मुकदमा लिखा दिया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय सिंह ने अभियुक्त पूनम किन्नर, काके और आशा किन्नर को दोषी ठहराते हुए तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़ित शहीम की उम्र गवाही के वक्त 35 साल थी और घटना के वक्त 28 साल यानी तब वह यौवनावस्था में आया ही था। तभी उसका लिंग काट दिया गया और उसे नपुंसक बनाकर उसका पुंसत्वहरण कर लिया गया। भारतीय समाज में वंश चलाने की रस्म है। हालांकि शहीम ने किन्नर सरोज से शादी की थी, लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि वह धर्म से मुस्लिम है जहां चार शादियां जायज हैं। यानी अभियुक्तों के इस कृत्य से उसका वंश आगे नहीं बढ़ सका। किसी जवान आदमी का लिंग काट लेना उसकी मौत के समान है।

महिला पुलिस के साथ जेल गए आरोपी किन्नर
अदालत के दो किन्नरों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल ले जाने के लिए पुलिस बुलाई गई। आरोपियों के किन्नर होने के कारण काफी देर तक यह असमंजस रहा कि उन्हें कौन सी पुलिस के साथ भेजा जाए। बाद में कोर्ट के आदेश पर इन लोगों के लिए महिला पुलिस बुलाई गई।
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