त्योहारों का सीजन चल निकला है, ऐसे में रेलवे ने आरक्षित टिकट या पैकेज ऑनलाइन लेने वालों की मुसीबत बढ़ा दी है। मुसीबत यह है कि रेलवे ने भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई समेत छह बैंकों को अपने डायरेक्ट डेबिट कार्ड पेमेंट गेटवे से हटा दिया है। यात्री अब अपना टिकट इन छह बैंकों के डेबिट कार्ड के जरिए बुक नहीं कर सकेंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध किसी भी बैंक के मास्टर कार्ड या वीसा पर लागू नहीं होगा।
फीस विवाद को लेकर ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग सेवा आईआरसीटीसी ने छह बैंकों के डायरेक्ट डेबिट कार्ड (डीडीसी) पेमेंट गेटवे प्रतिबंधित कर दिए हैं। आईआरसीटीसी ने यह कदम सुविधा शुल्क विवाद के कारण उठाया है। रेलवे का कहना है कि बैंकें यात्री द्वारा दिया गया पूरा सुविधा शुल्क खुद रखना चाहती हैं। वहीं बैंकें डीडीसी पर ही अड़ी हुई थीं।
आईआरसीटीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर (आईटी) सुनील कुमार ने बताया कि एसबीआई, आईसीआईसीआई, सिटी बैंक, पीएनबी, आंध्रा बैंक और एक अन्य बैंक डीडीसी के तहत बैन की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले यात्रियों को 13 बैंकों से पेमेंट के ऑप्शन मिलते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्री अन्य किसी बैंक के डेबिट कार्ड (मास्टर/वीसी) से भी पेमेंट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको आईआरसीटी के पेमेंट गेटवे को ही अपनाना होगा। उक्त बैन की गई बैंकें भी क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के लिए मान्य रहेंगी। यहां बता दें कि आईआरसीटीसी सात पेमेेंट गेटवे का प्रयोग करता है। इसमें एचडीएफी, सिटी बैंक, एसबीआई, एक्सिस, पेटीएम, पेयू, आईटीजैड कैश कार्ड आदि शामिल हैं।
इन बैंकों के कार्ड से कर सकते हैं बुकिंग
अब अगर आप आईआरसीटीसी पर डेबिट कार्ड से टिकट बुक करना चाहते हैं तो आपको एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
आखिर क्यों हुआ ऐसा
रेलवे का कहना है कि बैंकें ग्राहकों से वसूले जाने वाले सुविधा शुल्क में हिस्सेदारी आईआरसीटीसी व अन्य को देना ही नहीं चाहतीं। इसलिए डीडीसी की मांग कर रही थीं। जब छह बैंकों ने इसका विरोध किया तो आईआरसीटीसी ने इनको केवल डेबिट कार्ड के लिए बैन कर दिया। यहां बता दें कि बैंकें सर्विस चार्जेस ग्राहकों से काफी पहले से ही वसूलती आ रही हैं, लेकिन आईआरसीटीसी को दिया कभी नहीं।
बैंकों को है एक फीसदी तक एमडीआर वसूलने की अनुमति
वर्तमान में बैंकों को 1000 रुपए तक के कार्ड ट्रांजेक्शन पर 0.25 फीसदी और 1000 से 2000 रुपए के ट्रांजेक्शन पर 0.5 फीसदी एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) वसूलने की अनुमति है। ज्यादा रकम के ट्रांजेक्शन पर एक फीसदी तक एमडीआर लगाया जाता है। ये दर नोटबंदी के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए अस्थाई दिशानिर्देश के आधार पर तय है।
तत्काल टिकट के पेमेंट पर 14 दिनों की मोहलत
बरेली। रेलवे ने आईआरसीटीसी से तुरंत (तत्काल) टिकट बुक करने पर पेमेंट का एक नया विकल्प दिया है, जिसके तहत अब आप तत्काल का टिकट बुक करके उसका भुगतान 14 दिनों में कर सकते हैं। बता दें कि एसी क्लास के लिए सुबह 10 बजे तुरंत टिकट बुकिंग शुरू होती है। वहीं नॉन एसी के लिए यह दिन में 11 बजे से शुरू होती है। यात्रा करने वालों को तारीख से एक दिन पहले टिकट बुकिंग होती है और कोई डिस्काउंट भी नहीं मिलता है। अब रेलवे ने तुरंत टिकट के लिए पेमेंट की नई सुविधा ईपेलेटर शुरू की है, जिसमें आपको इसमें टिकट बुक करने के बाद पेमेंट करने की सुविधा मिलती है। इसके अलावा पे ऑन डिलीवरी की सुविधा भी है। ईपेलेटर से टिकट बुक करने के बाद पेमेंट करने के लिए 14 दिन का समय मिलता है। इसका सबसे अधिक फायदा यह है कि पेमेंट करने में समय जाया नहीं जाता, जिससे आपको टिकट मिलने के चांसेज बढ़ जाते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक रेलवे में रोजाना तुरंत टिकट बुकिंग के लिए करीब 1,30,000 ट्रांजेक्शन की जाती हैं। तुरंत का कोटा खुलने के बाद यह ट्रांजेक्शन मुश्किल से एक मिनट में ही पूरी हो जाती है। यहां बता दें कि ईपेलेटर का प्रयोग करने के लिए यात्री को पैन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जानकारी देनी होती है।