बिजली विभाग अब सभी कनेक्शनों की सघन निगरानी करेगा। इसके तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम तय किया गया है। गुरुवार से चिह्नित पोषित लाइनों पर चेकिंग शुरू होगी। साथ ही एक मुश्त समाधान योजना भी बंद हो जाएगी।
विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए सेनिटाइजेशन नाम से समयबद्ध नयी योजना बनाई है। तीन माह तक सभी लाइनों पर चेकिंग होगी। अवर अभियंता इस योजना में उपकेंद्र प्रबंधक बनाए गए हैं। अभियान में लाइनों पर संचालित कनेक्शन, कटिया, लोड, बकाया, मीटर और केबिल स्थिति चेक होगी। नए कनेक्शन के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। खंभे से कितने सर्विस केबिल चल रहे हैं और भुगतान स्थिति कैसी है? इसका डाटा बैंक तैयार होगा। सभी उपकेंद्र और लाइनों पर 15 अगस्त तक कनेक्शन चेकिंग होगी और निर्धारित प्रोफार्मा पर विवरण तैयार होगा।
चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने बरेली मंडल में उपकेंद्र और पोषक लाइनें चिह्नित कराई हैं। जिले में तीस से ज्यादा उपकेंद्र पहले दौर में चिह्नित हुए हैं। अग्रवाल ने जेई स्तर पर बैठक कर सेनिटाइजेशन समझायी और नए प्रोफार्मा पर विवरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अग्रवाल ने बताया कि एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) पंजीकरण 15 जून तक होना है। बकायेदार शत प्रतिशत ब्याज सरचार्ज पर छूट पाने के लिए इसका फायदा उठा सकते हैं।