बरेली। जिले में बीते दिनों हुई तेज आंधी-बारिश में 15 हजार मीट्रिक टन आम की फसल बर्बाद हुई है। एक हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। सबसे ज्यादा क्षति फरीदपुर क्षेत्र में हुई है। यह आंकड़ा उद्यान विभाग के सर्वे में सामने आया है। प्रशासन की तरफ से इनको पीएम फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में सात हजार किसानों के करीब नौ लाख आम के पेड़ हैं। नौ हजार हेक्टेयर में करीब सात हजार बगीचे है। शेरगढ़, मीरगंज, बहेड़ी, भोजीपुरा में लंगड़ा, चौसा, दशहरी आम की पैदावार ज्यादा होती है।
इस साल वर्ष 2026-27 में एक लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है। पिछले साल यही उत्पादन 95 हजार मीट्रिक टन हुआ था। जनपद में उत्पादन के बाद किसान उपज की कोहाड़ापीर, नवाबगंज, बहेड़ी में बिक्री करते हैं।
कहीं टूटे फल तो कहीं पेड़ ही उखड़ गए
आंधी से काफी संख्या में किसानों के आम की फसल टूटकर गिरी तो बगीचे से पूरे पेड़ भी उखड़ गए हैं। फरीदपुर में एक किसान के बाग में 17 पेड़ उखड़ गए। नवाबगंज में बिजोरिया रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्थित अंगद देव कोहली की करीब 200 बीघा में आम सहित अन्य फसले हैं। इसकी देखभाल करने वाले सिजोलिया गांव के अबरार अहमद ने बताया कि दो दिन पहले आई आंधी से बाग के कई पेड़ टूट गए।
वर्जन :
फसल बर्बादी का सर्वे किया गया है। करीब 15 हजार मीट्रिक टन आम की फसल बर्बाद हुई है। जिन किसानों के आम के पेड़ उखड़ गए हैं, वह इसकी सूचना जिला उद्यान कार्यालय में आकर दे सकते हैं। उनको उचित आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी