सात पते भी मिले, लेकिन सही ठिकाने और परिवार तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
बरेली। इफ्तेकार, इफ्तेखार, धूम, सोल्जर और न जाने क्या-क्या...ये सारे नाम एक ही बदमाश के हैं, लेकिन पुलिस अब तक उसका सही नाम और ठिकाना नहीं तलाश सकी है। घुमंतू छैमार प्रजाति के जिस बदमाश को बरेली पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया, उसका आपराधिक जीवन भूलभुलैया जैसा है। पुलिस इसकी जितनी छानबीन कर रही है, उतना ही उलझती जा रही है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस को मृतक के पास से जो आधार कार्ड मिला, उस पर गाजियाबाद का पता दर्ज है। पुलिस ने उसकी तस्दीक कराई तो पता लगा कि वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। आगे की छानबीन में पुलिस को उसके कई नाम व पते मिलते गए। शाम तक पुलिस के पास इफ्तेकार के 15 नामों व सात पतों की सूची आ गई थी। एसएसपी ने आशंका जताई कि उसके और भी नाम-पते हो सकते हैं, जिनके आधार पर उसने अपराध के बाद जमानत ली हो। पुलिस फिलहाल अब तक प्रकाश में आए सात पतों की तस्दीक में जुटी है। ब्यूरो
ये नाम आए सामने
इफ्तेकार, धूम, लड्डे, सोल्जर, लोधा, सैदान, शाकिर, रोहित, मोटा, शैतान, इफ्तखार, इस्तेकार, फिरोज, इश्तहार और फौजी।
बदमाश के अब तक प्रकाश में आए सात पते
- बरी चौक, कादरगंज रोड, थाना गंज डुंडवारा, जिला कासगंज।
- जगत भट्टा ग्राम भूपखेड़ी, थाना टीला मोड़, जिला गाजियाबाद।
- ग्राम मखरेडा, थाना मुरादनगर, जनपद गाजियाबाद।
- मोहल्ला मुकर्रमपुर, कस्बा सीरसी, जनपद संभल।
- दुर्वेदी थाना बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर।
- आलमपुर, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर।
- ग्राम डेराबोजी, थाना परौर, जनपद शाहजहांपुर।
इन सात जिलों में मिले 19 मुकदमे
बरेली में चार, गौतमबुद्ध नगर में पांच, बहराइच में चार, हरदोई में दो, गोंडा में एक, बाराबंकी में दो, मेरठ में एक मुकदमा दर्ज है।