शहर में सोमवार दोपहर 15 मिनट की बारिश और तूफान आफत बनकर आया। पलभर में कई पेड़ गिर गए। कहीं बिजली के खंभे गिरे और सड़क पर लगे दिशा निर्देश बोर्ड और यूनिपोल उखड़ गए। दो घरों की दीवार गिरने से 22 लोग जख्मी हो गए। सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। शहर में जगह-जगह जाम लगा रहा। पूरे जिल की बिजली गुल हो गई। मौसम विभाग आंधी की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर बता रहा है।
छत से गिर गए दो बच्चे
हवा की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो बच्चे छत से गिर पडे़। शांति विहार सुभाषनगर में जयपाल के पांच वर्षीय पप्पू छत में खेल रहा था। अचानक हवा चली तो वह छत से गिर गया। कैंट कांधरपुर की रहने वाली छह वर्षीय शिवानी भी छत पर खड़ी थी। तेज हवा से छत की बाउंड्री भरभरा के नीचे गिर पड़ी। शिवानी को पसली में चोट आई है। घायल जिला अस्पताल में हैं।
दीवार ढहने से 19 घायल
किला के स्वालेनगर में लोग रामऔतार के अंतिम संस्कार को गए थे। घर पर महिलाएं थी। अचानक बगल के घर की पक्की दीवार रामऔतार के खपरैल पर आ गिरी। इससे रामऔतार की पत्नी राजोदेवी, बहू राजरानी, धनदेवी, राजकुमारी, शकुंतला, कमला, प्रेमवती, ईश्वरदेयी, भगवती, शिवम, बिंदुवती, प्रीति, दीपा, तुलसीदेवी, राजो, मुन्नी, रानी समेत 19 लोग घायल हो गईं। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। ग्रामीण इलाकों में झोपड़ी वाले एक दर्जन से ज्यादा मकान गिरने की भी सूचना है। इसमें 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
रेलवे ट्रैक बाधित, 12 ट्रेनें प्रभावित
बरेली जंक्शन पर आने-जाने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेन विभिन्न स्थानों पर फंस गईं। सीबीगंज के पास उत्तर रेलवे के ट्रैक पर दौड़ रही अर्चना एक्सप्रेस पर पेड़ गिर गया। हालांकि इससे किसी को चोट नहीं आई लेकिन रेलवे ने दिल्ली और लखनऊ रूट से आने वाली कई ट्रेनों को जगह-जगह रोक दिया। इससे ट्रेनों में सवार सैकड़ों यात्री घंटों तक फंसे रहे। रेलवे ने रात तक ट्रैक पर गिरे पेड़ों को हटाया। लखनऊ और दिल्ली हाइवे पर भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने से वाहन घंटों तक फंसे रहे। शहर में स्टेशन रोड, चौपुला रोड, शाहजहांपुर रोड पर पेड़ गिरने से वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों से पेड़ों को उठवाया।
वकीलों को नुकसान
आंधी से बरेली बार एसोसिएशन के वकीलों को काफी नुकसान हुआ है। कचहरी में पेड़ गिरने से कई बाइक और कार क्षतिग्रस्त हो गए। चैंबर भी ध्वस्त हो गया। वकीलों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष से आर्थिक सहायता मांगी है।
गस्ट स्पीड से होता है नुकसान
आंधी और बारिश के बीच में एक क्षण ऐसा आता है जब हवा के झोंके बहुत तेज हो जाते हैं। यह कुछ सेकेंड के लिए होता है, इसमें इनकी स्पीड भी 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आगे निकल सकती है। सोमवार को बरेली में आई आंधी से सड़क पर लगे खंभे तक उखड़ गए। बिजली के खंभों की चौड़ाई कम होती है फिर भी कैसे उखड़ सकते हैं, इस पर आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता बताते हैं कि सोमवार को आंधी की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। लेकिन क हीं- कहीं यह गस्ट स्पीड के चलते 80 किलोमीटर से आगे तक भी पहुंच गई है। इसके चलते नुकसान ज्यादा होता है। यही कारण है कि खंभे उखड़ते हैं। यह कुछ सेकेंड के लिए ही होता है। हालांकि औसतन स्पीड 50 से 60 के बीच ही रही।
आंधी और बारिश का असर
जनजीवन : प्रमुख मार्गों पर घंटाें जाम लगा
बिजली : 200 से अधिक खंभे गिरे, सप्लाई ठप
सड़क : पेड़ और पोल गिरने से आठ प्रमुख मार्गों को डायवर्ट किया
आर्थिक नुकसान : कई वाहन, पोल, बिजली के तार और दुकानों में नुकसान
रेलवे : एक ट्रेन पर पेड़ गिरा, 12 ट्रेनें रोकी गईं
पेड़ : कैंट और शहर में 200 से अधिक पेड़ गिरे
बारिश से घटा तीन डिग्री तापमान
पिछले दिनाें की उमस भरी गर्मी से कुछ मिनट की बारिश ने राहत दी है। दिन का अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिरा है। मौसम विभाग के अनुसार बरेली में सोमवार को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। रात का तापमान अभी भी दो डिग्री अधिक है, इससे गर्मी बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि यह प्री मानसून नहीं है। लगातार गर्मी बढ़ने के चलते स्थानीय स्तर पर यह बदलाव दिखा है। नमी बढ़ी है और दक्षिण- पूर्वी हवा चलने से बारिश की संभावना बनी है। मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत बरेली में भी देर से नहीं आएगा। यह जुलाई के पहले हफ्ते में ही जमकर बरसेगा।
डीएम ने मांगा नुकसान का ब्योरा
बरेली। जिला प्रशासन ने सोमवार दोपहर को आए अंधड़ और बारिश से हुई क्षति का तहसीलों से ब्योरा मांगा है। डीएम की ओर से सभी एसडीएम को संदेश पहुंच गया है। मंगलवार को शाम पांच बजे तक रिपोर्ट मांगी गई है। एडीएम (फाइनेंस) मनोज कुमार ने बताया कि पिछले माह अंधड़ में पीड़ित परिवारों को 26 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी।
पोस्टमार्टम हाउस में भरा पानी
बारिश से पोस्टमार्टम हाउस के हॉल और कार्यालय में पानी भर गया। जिससे पोस्टमार्टम करने में समस्या आई। सोमवार को तीन शवों का पोस्टमार्टम होना था। शव हॉल में जमीन पर रखे हुए थे, वहीं पानी भर गया। पुराने भवन के पानी का निकास ठीक न होने के कारण पानी का निकास बंद हो गया। जैसे तैसे बाल्टियों से पानी निकाला गया। दूसरी ओर शवों के पोस्टमार्टम में देरी होने के कारण परिजन परेशान रहे।
यहां गिरे पेड़ और दीवार
कलेक्ट्रेट में लगा सौ साल पुराना पेड़ टूटकर गिर गया। सुभाषनगर थाना के पास पेड़ टूटने से रास्ता बंद हो गया। प्रेमनगर थाने के परिसर में एक पेड़ दरोगा की बाइक पर गिरा। मलूकपुर चौकी के पास पेड़ गिरा जिससे रिक्शा चालक चोटिल हो गया। सुभाषनगर रेलवे पुलिया के पास विशालकाय पाकड़ का पेड़ और खन्ना बिल्डिंग के पास भी पेड़ गिरा। नेकपुर शुगर मिल की दीवार ढह गई। सौदागरान में दरगाह आला हजरत के पीछे तीन मंजिला मकान गिर गया। कटकुइयां मोहल्ले में मकान के ऊपर पेड़ गिर गया। बिहारीपुर और साहू रामस्वरुप डिग्री कालेज के पास भी पेड़ गिर गया। कैंट में बीआई बाजार के पास और बरेली कालेज के मेन गेट के पास लगे पेड़ की डाल टूटने से जाम लग गया।
टावर और खंभे उड़े, शहर में ब्लैक आउट
बरेली। आंधी बारिश के कारण शहर की बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। सुभाष नगर, किला, सीबीगंज सबस्टेशन ठप हो गए। पूरे शहर में 57 खंभे धराशायी हो गए। जगह-जगह पेड़ गिरने से लाइने टूट गई। इंसुलेटर बस्ट होने के साथ ही कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए। फरीदपुर के पास 132 केवी लाइन टावर गिर गया। अधिशासी अभियंता तुलसी राम ने दोहना और शाहजहांपुर पारेषण लाइनों से वैकल्पिक सप्लाई कराई। काली ाड़ी, बड़ा डाकघर, कमिश्नर आवास, सिविल लाइंस, कोहाड़ापीर, माडल टाउन, रोहली टोला, मीरा पैंठ, सैलानी, सिंधुनगर, राम वाटिका, बालजती, कैंट, कटरा चांद खां, प्रेम नगर, ब्रजलोक कालोनी, माधोबाड़ी, गंगापुर, सिकलापुर, मठ चौकी, किला, सीबी गंज, सुभाषनगर आदि दर्जनों स्थानों पर देर रात तक सप्लाई गुल रही।
अनुभवहीन एसडीओ ने कराई फजीहत
विभाग एक जूनियर और गैर अनुभवी एसडीओ सिविल लाइंस को सात उपकेंद्र सौंप रखे हैं। इससे एक दिन भर अव्यवस्था बनी रही। एसडीओ सिविल लाइंस ने सातों उपकेंद्रों से पोषित इलाकों में हुए दर्जन फाल्ट अटेंड नहीं कराए। सुभाष नगर, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, महानगर, हरूनगला, कैंट और 66 केवी उपकेंद्र से जुड़े हजारों उपभोक्ता, अफसर और वीआईपी नागरिक देर रात तक प्रभावित रहे।
बिल नेटवर्क टावर गिरा
सिविल लाइंस पावर हाउस परिसर में लगा एचसीएल कंपनी का बिलिंग नेटवर्किंग टावर तेज हवाओं में टूटकर 132 केवी स्टेशन उपकरणों पर गिर गया। टावर गिरने से सप्लाई ट्रिप हो गई।
यहां गिरे 57 पोल
विभाग ने 57 पोल गिरने की बात कही है। इनमें कोहाड़ापीर, बिहारी पुर, सिविल लाइंस, सेटेलाइट, सुभाष नगर, किला, सीबीगंज सबस्टेशन सप्लाई लाइन के खंभे, कलेक्ट्रेट, जगत सिनेमा पीछे गली, गुलाब नगर, सनैया, बाकरगंज, इज्जतनगर, संजयनगर, किला ओवर ब्रिज, गांधी उद्यान, इस्लामियां बाजार, बियावान कोठी, प्रेम नगर आदि शामिल हैं। एक पारेषण टावर भी गिर गया।
मौसम से बिजली नेटवर्क प्रभावित हो गया। रात दस बजे तक ज्यादातर स्थानों पर सप्लाई सामान्य कर दी। सुभाष नगर और कुतुबखाना उपकेंद्र से पोषित इलाकों में ज्यादा फाल्ट हो गए।
- मनोज पाठक, एसई शहर