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बरेली में बड़ा घपला उजागर: गोशालाओं में चारे के नाम पर 15 करोड़ का घोटाला, दान के भूसे में भी कर ली कमाई

Fri, 13 Jun 2025 10:41 AM IST
बरेली ब्यूरो निर्मल पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में गोशालाओं को चारा आपूर्ति के नाम पर घपला किया गया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब एक फर्म संचालक ने अपना पिछला बकाया मांगा और गोशालाओं की ओर से भूसा नहीं लिए जाने की शिकायत की। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में गोशालाओं को चारा आपूर्ति के नाम पर नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये का घपला किया गया है। ई-टेंडरिंग के जरिये चयनित फर्म को दरकिनार कर अफसरों ने चहेती फर्म से 15 करोड़ रुपये का भूसा खरीद लिया। दान में मिले भूसे का हिसाब-किताब भी खर्च में जोड़ दिया। ये खेल कई वर्षों से चल रहा है। बीते दस माह (अगस्त 2024 से मई 2025 तक) में ही 15 करोड़ रुपये से अधिक का घपला सामने आया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब फर्म संचालक ने अपना पिछला बकाया मांगा और गोशालाओं की ओर से भूसा नहीं लिए जाने की शिकायत की। 

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अमर उजाला ने 10 जून के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीएम को सीवीओ की तरफ से लिखे पत्रों से स्पष्ट है कि बीडीओ बेलगाम हैं। वह उच्चाधिकारियों की भी नहीं सुन रहे हैं। नियमों के विपरीत एक-डेढ़ साल में ही स्थानीय लोगों से भूसा खरीद के नाम पर 15 करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च कर डाले। 

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प्रत्येक संरक्षित गोवंश के चारे पर रोज 50 रुपये खर्च का प्रावधान है। इसके मुताबिक, जिले की 101 गोशालाओं में चारे के नाम पर मार्च में 1.55 करोड़, अप्रैल में 1.51 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस तरह हर महीने औसतन डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये का बंदरबांट किया गया है। दान में मिले भूसे का हिसाब कहीं दर्ज नहीं है। दूसरी फर्म से चारा खरीद से पहले बीडीओ ने सक्षम अधिकारी से अनुमति तक नहीं ली। 

सीडीओ-सीवीओ के पत्रों की भी अनदेखी
दस जून को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय ने डीएम को पत्र लिखकर बताया कि गो-आश्रय स्थलों के लिए संबंधित फर्म से भूसा खरीदने एवं बकाया भुगतान की कार्रवाई बीडीओ को करनी है। इसके लिए बीडीओ को उन्होंने तीन और सीडीओ ने सात पत्र लिखे। बीडीओ ने मौखिक रूप से बताया कि नामित फर्म के संचालक ने जिन गोशालाओं में भूसा दिया है, उसमें मिट्टी और मोटा भूसा पाया गया है। इस कारण गोशाला संचालकों ने फर्म से भूसा नहीं खरीदा और स्थानीय बाजार से कम दर पर क्रय किया है।

9,199 गोवंश के चारे में खेल
जिले की 102 गोशालाओं में 9,199 गोवंश संरक्षित हैं। इन गोशालाओं में नामित फर्म एमएस इंटरप्राइजेज, परसाखेड़ा से भूसा लेने के आदेश हैं। 24 जुलाई 2024 को ई-टेंडरिंग के जरिये इस फर्म का चयन किया गया था। फर्म स्वामी मनोज शर्मा ने बताया कि 75 गोशालाओं ने इस फर्म से भूसा नहीं खरीदा। जिन गोशालाओं ने एक-दो बार लिया भी, उन्होंने भुगतान अटका दिया। फर्म मालिक का 75.62 लाख रुपये बकाया है।
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डीएम के सवाल पर बीडीओ ने साधी चुप्पी
खबर है कि बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन व समीक्षा समिति की बैठक में यह मामला सुर्खियों में रहा। डीएम ने मौजूद बीडीओ से सवाल दागे। बहेड़ी बीडीओ आशीष ने सफाई दी कि फर्म गुणवत्ताविहीन भूसा दे रही थी, इसलिए नहीं लिया गया। डीएम ने सवाल किया कि स्थानीय बाजार से भूसे की खरीदारी किसकी अनुमति से की गई? इस पर सभी बीडीओ चुप्पी साध गए।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि नामित फर्म से इतर भूसे की खरीदारी के लिए बीडीओ को सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन कुछ बीडीओ ने अनुमति नहीं ली है। हमने बीडीओ को ऐसा करने से रोकने का बहुत प्रयास किया। कई पत्र लिखे, लेकिन वह अनदेखी करते रहे। अब प्रकरण सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने सख्ती बढ़ाई है। बीडीओ से जवाब तलब किया गया है। 
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