ये आरोपी भी हुए बरी
बिशारतगंज निवासी इरफान और भमोरा थाना क्षेत्र के गांव राजूपुर निवासी असलम के खिलाफ तत्कालीन थानाध्यक्ष सीपी सिंह ने 30 मार्च 2009 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। शीशगढ़ थाना क्षेत्र के ऊंचा गांव निवासी यासीन और मानपुर निवासी मंगल के खिलाफ तत्कालीन थाना प्रभारी रवि कुमार ने 31 जुलाई 2007 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
इन आरोपियों को भी मिली राहत
हाफिजगंज बाइपास निवासी दबीर हसन और नवाबगंज के मोहल्ला नई बस्ती निवासी शकील उर्फ पिंटू के खिलाफ तत्कालीन थानाध्यक्ष एनके शर्मा ने 11 अक्तूबर 2004 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी शकील और बहेड़ी थाना क्षेत्र के जोखनपुर निवासी पवन उर्फ पप्पन के खिलाफ तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने देवरनियां थाने में 22 जून 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान शकील की मौत हो गई। कोर्ट ने पवन को बरी कर दिया।
किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला रक्षबंदान निवासी परवेज और जखीरा निवासी सैय्यद सईद मियां के खिलाफ तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शिव शरण त्रिवेदी ने 26 जुलाई 2007 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।