बरेली। सीबीएसई के नतीजों में धाक जमाने के बाद नए सत्र में डीपीएस ने शिक्षण की सुविधाएं और बेहतर करने का फैसला लिया है ताकि बच्चों को ट्यूशन या कोचिंग की जरूरत न पड़े और उनका संपूर्ण विकास हो सके।
डीपीएस के मैनेजमेंट के मुताबिक बेहतर माहौल में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा बच्चों की सबसे बड़ी जरूरत है। दिक्कत उन बच्चों के साथ ज्यादा होती है जिनके अभिभावक उन्हें पर्याप्त समय नहीं दे पाते। ऐसी स्थिति में बच्चों को कोचिंग पर निर्भर रहना पड़ता है। फिर भी उन्हें आत्मनिर्भर होने में मुश्किल होती है और खेलकूद के लिए भी समय नहीं मिलता। डीपीएस में इसका निदान डे बोर्डिंग सुविधा में तलाश किया गया है, जिससे बच्चों को स्कूल के बाद चार घंटे की सुपरवाइज्ड स्टडी के साथ स्पोर्ट्स के लिए भी एक घंटे का समय मिलेगा। प्रबंधन के मुताबिक 14 एकड़ में फैले स्कूल कैंपस में स्वीमिंग, हॉकी, फुटबाल, क्रिकेट, स्केटिंग, स्केट बॉल, जिम और वालीबाल के लिए कोर्ट उपलब्ध है।