बरेली। श्री टीबरीनाथ सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय में बसंत पंचमी पर 80 ब्रह्मचारी बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार यज्ञ संपन्न हुआ। ब्रह्मचारी बटुकों ने प्रधानाचार्य बंशीधर पांडे से दीक्षा मंत्र ग्रहण किया। ब्रह्मचारी बटुकों ने अभिभावकों से भिक्षा मांगी तो उनकी आंखें सजल हो गईं।
कार्यक्रम में दोपहर के सत्र में वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया और संस्कृत महाविद्यालय को आर्थिक मजबूत बनाने के लिए शासन को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि ब्रह्मचारी बटुक अहम और संचय की वृत्ति न पनपने देने के लिए भिक्षा मांगते हैं। यज्ञोपवीत संस्कार के बाद ही ब्रह्मचारी वेदाध्ययन का अधिकारी बनता है। उन्होंने ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना के लिए बसंत पंचमी को अमृत महोत्सव बताया। इसके बाद गुरुकुल में नवनिर्मित मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा का अनावरण हुआ। फिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वस्तिवाचन, सरस्वती वंदना, स्वागत गान, नाटक, संस्कृत गीत, बसंत होली कवि सभा, बांसुरी वादन पर मनोहारी प्रस्तुति दी। मां सरस्वती के आराधना स्थल का दिव्य शृंगार किया गया। प्रबंध समिति के पूर्व मेयर राजकुमार अग्रवाल, मंत्री प्रेमशंकर अग्रवाल, राधाकृष्ण खंडेलवाल, महेश चंद्र शर्मा, शशिकांत मोदी, अशोक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
मां सरस्वती का वंदन कर बसंत का किया स्वागत
बरेली। बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिरों में मां सरस्वती का विधि विधान से पूजन किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ने लगी थी। शहर की कई धार्मिक समितियों ने भी बसंत पंचमी पर कार्यक्रम आयोजित किए। जिला ब्राह्मण सभा ने रघुनाथ मंदिर में मां सरस्वती का विधिवत पूजन किया।
बच्चों ने हल्दी का तिलक लगाकर पूजन समारोह का शुभारंभ किया। पुजारी प्रकाश पांडे ने विद्यार्थियों को मां सरस्वती मंत्र का उच्चारण कराया। साथ ही, मां सरस्वती से बुद्धि, चेतना, प्रज्ञा, मनोदशा, मनोवृत्तियों, परम चेतना आदि का संरक्षण करने की याचना की। मंदिर प्रांगण हे शारदे मां के उद्घोष से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में सभा के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा, महामंत्री विजय कुमार शर्मा, नीलिमा पाठक, शशि भूषण शर्मा आदि मौजूद रहे।