बरेली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शासन ने समाज कल्याण विभाग को बढ़ा बजट भी भेज दिया है। मगर, समाज कल्याण विभाग अभी पुराना बजट ही खर्च नहीं कर पाया। अब तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष केवल 445 शादियां ही हो पाई हैं। इनमें भी 178 सामूहिक शादियां कराने की तारीख नौ फरवरी यानी आज रखी गई है। यह शादियां आज पांच ब्लाकों में कराई जाएंगी। बचे 50 दिन में सामूहिक शादियों का लक्ष्य पूरा होना बहुत कठिन है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इस साल 31 मार्च तक समाज कल्याण विभाग को नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायतों के अलावा स्वयं सेवी संगठनों की मदद से 1542 शादियां करानी हैं। दस माह पूरे होने के बाद अभी केवल 232 शादियां हो पाई हैं। छह फरवरी को भुता ब्लाक में 35 शादियां कराई गई थीं। 178 सामूहिक शादियां शनिवार को शेरगढ़, आंवला, दमखोदा, बहेड़ी ओर भोजीपुरा ब्लाकों में आज होनी हैं। इन सबको मिलाकर अब तक कुल 445 शादियां ही हो पाएंगी। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के पास 31 मार्च तक मात्र 50 दिन बाकी बचेंगे। इस अवधि में विभागीय अफसरों को बची हुई 1097 शादियां समाज कल्याण विभाग को दो महीने से भी कम समय सीमा के अंदर कराने का लक्ष्य है। उधर, राज्य सरकार ने सामूहिक विवाह योजना में जोड़ों के हिसाब से प्रति जोड़ा धनराशि 35 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दी है। समाज कल्याण विभाग को 921 शादियां का बजट पहले 35 हजार रुपये प्रति शादी के हिसाब से भेजा गया था। अब शासन से बढ़ा बजट 52.50 लाख रुपये भी भेज दिया है। समाज कल्याण विभाग के पास 3.32 करोड़ रुपये मौजूद है, लेकिन शादी कराने के लिए जोड़े विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे।
शासन से सामूहिक विवाह में बढ़ा बजट मिल चुका है। समाज कल्याण विभाग के पास 921 शादियों का बजट मौजूद है। हम निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक शादियां कराने की कोशिश कर रहे हैं। अशोक दीक्षित, समाज कल्याण अधिकारी