बरेली। एटीएम कार्ड से ठगी को रोकने के लिए भले ही पुराने मैग्नेटिक डेबिट कार्ड बंद किए जा रहे हो लेकिन बैंक मुख्यालयों के अफसरों और कोरियर कंपनी के बीच कमीशनबाजी के खेल में हजारों ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सूत्रों का कहना है कि चिप वाले एटीएम कार्डों को कस्टमर तक पहुंचाने का काम डाक विभाग को देने के बजाय बैंक के बड़े अधिकारियों ने कोरियर कंपनियों के साथ मिलकर इसकी ऊंचे रेट पर डीलिंग कर ली है। ऐसे में कोरियर कंपनी के लोग अब कामचोरी कर रहे हैं और ग्राहकों के घर तक चिप लगे एटीएम देने के बजाय गलत पता बताकर इन्हें बैंकों को वापस कर रहे हैं। ऐसे में पुराने कार्ड बंद होने और नए न मिल पाने से ग्राहकों को कैश निकालने में दिक्कत उठानी पड़ रही है।
जिले में सरकारी और निजी मिलाकर 428 बैंक शाखाएं हैं। इनमें करीब 43 लाख खाताधारक हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि करीब 30 से 40 फीसदी लोगों के पुराने एटीएम कार्ड बदलकर सुरक्षा के लिहाज से कहीं बेहतर चिप वाले कार्ड दिए जाने हैं। ज्यादातर बैंकों ने जनवरी शुरूआत में पुराने मैग्नेटिक एटीएम कार्ड को लॉक कर उनकी जगह पर चिप वाले कार्ड ग्राहकों के घर सीधे भेजने शुरू कर दिए हैं। हजारों ग्राहकों के सामने परेशानी यह खड़ी हो गई है कि इस काम में लगाई गईं तमाम कोरियर कंपनियों ने यह कहते हुए बैंक शाखाओं को कार्ड वापस करने शुरू कर दिए हैं कि कस्टमर का नाम और पता ही सही नहीं है। एसबीआई, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित तमाम बैंक शाखाओं में बगैर डिलीवरी वाले कार्डों को वापस किया जा रहा है। एटीएम कार्डों को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सीधे बैंक मुख्यालयों से सीधे कोरियर कंपनियों को दे दिए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि एटीएम कार्डों की डिलीवरी का काम डाक विभाग को दिया जाता तो कोरियर कंपनियों से यह काफी सस्ता होता, लेकिन कमीशनबाजी के खेल की वजह से यह जिम्मा कोरियर कंपनियों को दिया गया है। कोरियर कंपनियों को राहत यह भी दी गई है कि अगर एटीएम कार्ड ग्राहक तक नहीं पहुंचता है तो उसे बैंक की स्थानीय शाखाओं में ही वापस कर दिया जाए। बताते हैं कि नए एटीएम की बल्क में डिलीवरी होनी है, जबकि कोरियर कंपनियों के पास उसके मुकाबले स्टाफ काफी कम है। इसलिए वे ग्राहक का पता न मिल पाने की बात कहते हुए उन्हें वापस कर रहे हैं। ऐसे में बैंक स्टाफ की भी सिरदर्दी बढ़ती जा रही है।
धोखेबाज नहीं कर सकेंगे छेड़छाड़
नए सिरे से जारी होनेवाले एटीएम कार्ड आधुनिक तकनीकी ईएमवी चिप से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें धोखेबाज किसी तरह की छेड़खानी कर ग्राहकों के साथ ठगी नहीं कर सकेंगे। नया एटीएम कार्ड पाने वाले ग्राहकों ने अगर उससे निकासी नहीं शुरू की है तो पहली बार उन्हें कार्ड स्वीप करके पिन नंबर खुद ही तय करना होगा। इसके लिए एटीएम में कार्ड के पंच करते ही स्क्रीन पर मैसेज मिलेगा।
ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने और उनके कैश को सुरक्षित रखने के लिए नए चिप वाले एटीएम कार्ड भेजे जा रहे हैं। इसमें डिलीवरी न होने वाले कार्ड को स्थानीय बैंक शाखाओं में देने के निर्देश मुख्यालयों से मिले हैं। - ओपी बढेरा, लीड बैंक मैनेजर