बरेली। शहर में सेटेलाइट और चौपुला चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट समय से शुरू नहीं हो पाए हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट की विभाग से ड्राइंग तक स्वीकृत नहीं हो सकी है। लाल फाटक, आईवीआरआई पुल भी अधर में लटके हैं। इसके चलते आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने अफसर की विजिलेंस जांच कराने का सरकार से आग्रह किया है।
मुख्य परियोजना प्रबंधक (सीपीएम) आरके सिंह ने नवंबर में चौपुला और दिसंबर में सेटेलाइट प्रोजेक्ट शुरू कराने को कहा था। मगर यहां सिर्फ प्रोजेक्ट आफिस खुलकर रहे गए।अब तक इनकी ड्राइंग भी स्वीकृत नहीं कराई जा सकी हैं। चर्चा है कि सीपीएम के मुख्यालय पर कम समय देने के कारण विभागीय औपचारिकताएं पूरी न होने से ऐसा हो रहा है। जबकि सरकार ने दो माह पहले ही प्रोजेक्ट की प्रारंभिक धनराशि भी जारी कर चुकी है। वहीं, भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने सीपीएम पर सरकार विरोधी कार्य और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। कहा है कि सीपीएम ने साठगांठ से अलीगढ़ मंडल भी बरेली जोन में शामिल करा लिया है और निरीक्षण के नाम पर गायब रहते हैं। लोकसभा चुनाव आ चुके हैं लेकिन एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। आईवीआरआई ओवरब्रिज और लाल फाटक प्रोजेक्ट में भी मनमानी हो रही है। सेतु निगम ने सुरक्षा ऑडिट कराकर एक अधिकारी हटा दिया, जबकि दंड सीपीएम को भी मिलना चाहिए। भ्रष्ट कामकाज से बेनामी संपत्ति भी अर्जित कर ली है, इसलिए उनकी जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराई जाए। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मेयर उमेश गौतम, विधायक आरके शर्मा, राजेश मिश्रा, ऑल इंडिया कांट्रेक्टर एसोसिएशन भी उनकी शिकायत कर चुके हैं।
विभाग से चौपुला और सेटेलाइट फ्लाईओवर प्रोजेक्ट ड्राइंग अभी स्वीकृत नहीं हुई है। जबकि निर्माण कार्य संबंधित दोनों इकाईयां तैयारी में जुटी हैं। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
- आरके सिंह, सीपीएम