बरेली। ट्यूबवेल आटोमेशन के घपले की चल रही जांच में शिकायत करने वाली कंपनी ही फर्जी निकली है। शिकायतकर्ता कंपनी के फर्जी मिलने पर मंगलवार को नगर आयुक्त ने पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही ठेकेदार और कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित प्रकरण में जलकल महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी को बाहुबली डीपी यादव की धमकी मिली थी।
बता दें कि नगर निगम की ओर से जलकल विभाग ने 66 ट्यूबवेलों को ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़ने के टेंडर निकाले थे। चार फर्म के आवेदन स्वीकारते हुए फाइनेंशियल और तकनीकी बीट खोल दी थी। एक फर्म जिसका टेंडर नहीं हुआ उसके ठेकेदार ने टेंडर में एक करोड़ की रिश्वत लेने और घोटाले का आरोप लगा दिया। शिकायत पर मेयर ने नगर आयुक्त को जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुख्य अभियंता एसके अंबेडकर के नेतृत्व में चार सदस्य टीम गठित कर सघन जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप लगाने वाली फर्म के टेंडर के समय दिए गए अभिलेखों में कुछ के फर्जी होने का शक हुआ। प्रमाण पत्रों की जांच की तो अधिकारी भी हैरत में आ आए। दो आवश्यक प्रमाण पत्र फर्जी मिले। बताया जाता है कि मेयर को अपने कार्यालय के कर्मचारियों की संलिप्तता की भनक लगी तो सभी कर्मचारियों को मिली भगत की पुष्टि पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। नगर निगम शिकायत करने वाले ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहा है।
जांच में शिकायत करने वाले ठेकेदार के ही दस्तावेज फर्जी मिले हैं। उसके खिलाफ नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त