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मार्च में शुरू होगा बरेली टू चाइना तक 30 मीटर चौड़ीकरण का काम

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बरेली। बरेली टू चाइना तक 30 मीटर रोड चौड़ीकरण का काम मार्च से शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। भारतमाला परियोजना के तहत एनएचएआई मुख्यालय पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम अंतिम दौर में है। हालांकि इसमें करीब 2000 करोड़ खर्च होेने का अनुमान है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बार्डर तक आवागमन सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार का इस प्रोजेक्ट पर खास जोर है।
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यह हाईवे बरेली से होकर पीलीभीत, सितारगंज, खटीमा, लोहाघाट, पिथौरागढ़ और धारचूला तक बनेगा। परियोजना में इस सड़क का निर्माण बरेली से सितारगंज तक करीब 74 किलोमीटर तक होना है। अभी यह सड़क करीब 10 मीटर चौड़ी है, जबकि भारतमाला परियोजना में मंजूर इस सड़क का 30 से 32 तक रोड चौड़ीकरण होगा। इसमें डिवाइडर सहित रोड सुरक्षा के तमाम आधुनिक कार्य भी होंगे। इंजीनियरों का कहना है कि इस सड़क की क्वालिटी एनएच-24 लखनऊ-दिल्ली हाईवे से भी बेहतर होगी। रोड बनाने के लिए एनएचएआई मुख्यालय पर डिजाइन तैयार कराने का काम तेजी से चल रहा है। इसकी डीपीआर भी इसी माह तैयार होने की जानकारी दी जा रही है। एनएचएआई के स्थानीय परियोजना दफ्तर के अफसरों ने बरेली से सितारगंज के बीच रोड चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण करने का सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें गांवों के नाम और गाटा संख्या का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। एनएचएआई के एक अफसर ने बताया कि भूमि लेने के लिए जल्द ही रिपोर्ट विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को दी जाएगी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराने के साथ मार्च तक इसका काम शुरू कराने की कोशिश है।

पूरा होने को है 2.79 अरब का काम
बरेली टू सितारगंज वाया पीलीभीत करीब 74 किलोमीटर सड़क को 10 मीटर चौड़ा बनाने का काम वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी विलंब किया है। इसलिए अब इसका कुछ काम पीलीभीत के पास देवहा नदी के नजदीक बाकी है। इसे भी जल्द पूरा कराने का प्रयास है। ताकि फोरलेन को शुरू करने में कोई बाधा न हो।
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भारतमाला परियोजना में इस हाईवे का चौड़ीकरण होना है। इस काम को शुरू करने में करीब दो माह का समय लगेगा। अधिग्रहण के लिए जमीन का सर्वे आदि का काम शुरू हो चुका है। - मुकेश शर्मा, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
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