बरेली। जिला और महानगर अध्यक्ष विहीन चल रही समाजवादी पार्टी में इसी हफ्ते नए जिला और महानगर अध्यक्षों की घोषणा हो सकती है। पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार को अचानक लखनऊ बुलाया गया है। इससे जिलाध्यक्ष पद उनकी ताजपोशी की अटकलें तेज हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष पद की रेस में दो से तीन अन्य दावेदार भी पद हथियाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगाए हुए हैं।
सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 23 अक्टूबर को तत्कालीन जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद को हटाकर दोनों कार्यकारिणी भंग कर दी थी। उसके बाद संगठन बिना जिला और महानगर अध्यक्षों के ही चल रहा है। बड़े नेताओं में गुटबाजी के चलते सपा हाईकमान नई कार्यकारिणी बनाने से पहल फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। सपा में यादव बिरादरी का जिलाध्यक्ष और मुस्लिम समुदाय से महानगर अध्यक्ष बनाने की परंपरा रही है। वीरपाल सिंह यादव लंबे समय तक सपा के जिलाध्यक्ष रहे। गैर यादवों में तारा सिंह सोलंकी और भगवतसरन गंगवार थोड़े समय के लिए जिलाध्यक्ष बने थे। माना जा रहा है कि गैर यादव जिलाध्यक्ष बनने की स्थिति में पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार का दावा सबसे मजबूत है। भगवत के जिलाध्यक्ष बनने से सपा में गुटबाजी कम होगी। हाईकमान ने 18 दिसंबर को पिछड़ा वर्ग मोर्चा की बैठक में भगवत को लखनऊ बुलाया है। इससे उनके जिलाध्यक्ष बनने की अटकलों को बल मिला है। भगवत लोकसभा का टिकट भी मांग रहे हैं। इसमें दिक्कत आई तो उनकी पसंद के योगेश यादव के हाथ में लाटरी लग सकती है। योगेश छात्र राजनीति से पार्टी में सक्रिय हैं। शुभलेश गुट को छोड़कर पार्टी में उनके विरोधी भी कम हैं। पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव और अरविंद यादव के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं शुभलेश समर्थक उनको दोबारा जिलाध्यक्ष बनाने के लिए सक्रिय हैं।
महानगर अध्यक्ष के लिए भी घमासान
सपा में महानगर अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदारों जफर बेग, कदीर अहमद और शमीम खां सुल्तानी के बीच घमासान है। एक पूर्व सांसद समेत सपा के कई बड़े नेता जफरबेग को महानगर अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी कर रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक अताउर की पसंद पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद हैं। पार्टी के दो पूर्व विधायक पिछली कार्यकारिणी में जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को महानगर अध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहे हैं।