बरेली। लाल फाटक रूट पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ चला अभियान तीन दिन बाद ही ठंडा हो गया। पिछले चार दिन से बदायूं रूट पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई न होने से रोडवेज को काफी नुकसान हो रहा है।
जिला प्रशासन ने लाल फाटक से भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। इसके बाद रोडवेज बसों का संचालन फरीदपुर की ओर से होने लगा। मगर इस रूट से निजी डग्गामार वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है, जिसके कारण रोडवेज बसों को यात्री नहीं मिल रहे। इसे रोकने के लिए पिछले दिनों रोडवेज ने आरटीओ के साथ तीन दिन में आठ वाहन सीज किए और तीन वाहनों का चालान किया गया। इसमें रोडवेज के एआरएम बरेली डिपो चीनी प्रसाद और एआरएम रुहेलखंड डिपो टीकेएस बिसेन को लगाया था। मगर पिछले चार दिनों से रोडवेज अफसर हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं और डग्गामार वाहन संचालक मौज काट रहे हैं। लंबा रूट और ज्यादा किराए की वजह से यात्री रोडवेज बसों की बजाय डग्गामार वाहनों की ओर दौड़ रहे हैं। वहीं रोडवेज अफसरों का बहाना है कि स्टाफ की कमी के कारण चेकिंग मुश्किल काम है।