जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें कंगारू थेरेपी दी जाएगी। इसके लिए अस्पताल की नई सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में कंगारू थेरेपी कॉर्नर बनाया गया है। समय से पहले पैदा हुए शिशुओं के विकास में इस थेरेपी से खास फायदा मिलेगा।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका ने बताया कि शारीरिक संपर्क से शिशु के विकास में काफी मदद मिलती है। कंगारू थेरेपी के लिए नवजात शिशु को डायपर और टोपी पहनाकर उसकी मां कुछ घंटों के लिए सीने से लगाकर रखती है। मां की सांसों, धड़कन, स्पर्श और गर्माहट से शिशु का विकास तेज हो जाता है। बच्चे के पैदा होने के एक मिनट बाद या पहली बार मां का दूध पिलाने के बाद इस थेरेपी को शुरू किया जाता हैं। समय पूर्व हुए नवजात पर छह महीने और सामान्य शिशुओं को तीन महीने तक यह थेरेपी दी जाती है। यह थेरेपी मां का दूध बढ़ाने में भी मददगार साबित होती है। इस थेरेपी से बच्चे का वजन बढ़ता है और उसे सांस लेने में आसानी होती है। डॉ. अलका ने बताया कि एसएनसीयू का विस्तार होने के बाद पिता भी कंगारू केयर थेरेपी में मदद करेंगे। फिलहाल यह सिर्फ माताओं के साथ किया जाएगा।