फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मपाल बोले- प्रदेश की छह नदियां होंगी पुनर्जीवित

विज्ञापन
विज्ञापन
नोट: आल सेंटर
विज्ञापन

फोटो-
प्रदेश की छह नदियां जन सहभागिता से होंगी पुनर्जीवित
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने की एक दिन श्रमदान की अपील
बरेली। प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदी को मां मानते हैं। मां अगर दूर जाने लगे तो बेटों को तकलीफ होना स्वाभाविक है। प्रदेश की छह विलुप्त हो चुकी नदियों को जन सहभागिता से पुनर्जीवित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन में कार्य योजना बनाई है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। जल्द ही इसके परिणाम दिखेंगे।
विज्ञापन

बरेली कॉलेज सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिंचाई मंत्री ने कहा कि गंगा की सहायक नदियां कही जाने वाली बरेली की अरिल, पीलीभीत की गोमती, अयोध्या की तमसा, वाराणसी की वरुणा, बदायूं की सोत, हरदोई की सई विलुप्त हो चुकी हैं। सरकार केवल अपने संसाधनों से इनको पुनर्जीवित नहीं कर सकती। इसके लिए जन सहभागिता की जरूरत है। इसमें सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों के अलावा सभी विभागों की भी मदद ली जाएगी। नदियों को पुनर्जीवित करने की शुरूआत हो चुकी है। इसी कड़ी में बरेली की अरिल नदी को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया गया है। इसके तहत नदियों की साफ-सफाई कर उनकी अविरलता और निर्मलता बहाल की जाएगी। बंद हो चुके जल स्रोतों को खोला जाएगा। जन जागरूकता के लिए नदी किनारे के गांवों में रहने वाले किसानों को अभियान से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि वह नदी का पानी सिंचाई के काम में ले सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें