जीएसटी शनिवार से लागू हो गया है, लेकिन अभी कारोबारी और ग्राहक दोनों ही असमंजस में हैं। पहले दिन अधिकतर दुकानों ने नई कर प्रणाली लागू होने पर भी बिल नहीं जारी किए। दुकानदारों ने पुरानी पद्धति से बन रहे बिल अपने हिसाब से ग्राहकों को थमा दिए। कई ब्रांडेड स्टोर खुले ही नहीं।
पहली जुलाई से जीएसटी भले ही लागू हो गया है, पर इसे समझ पाना व्यापारियाें के लिए मुश्किलों भरा है। बमुश्किल दस फीसदी व्यापारियों ने ही नए सिस्टम पर काम किया और बिल भी जारी किए, जबकि बड़ा बाजार, श्यामगंज, कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, किला, साहूकारा, सराफा, शास्त्री मार्केट, नैनीताल मार्ग, सैलानी, सुभाषनगर, बीआई बाजार, सीबीगंज और तहसील बाजारों में ज्यादातर दुकानदारों ने नई कर प्रणाली में खुद को अपडेट नहीं किया, जिससे बिल मैन्यूअल और पुरानी परंपरा के हिसाब से जारी किए गए। ग्राहकों का कहना था कि जीएसटी के मुताबिक बिल दिया जाए, यही स्थिति रेस्टोरेंट और होटलों में बनी रही। ईजी डे समेत कुछ ब्रांडेड स्टोर में नया साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से बंद रहे। इससे ग्राहकाें को निराशा हुई। इन स्टोरों ने बंदी की कोई सूचना भी नहीं दी थी, जिससे लोग परेशान रहे।
मॉल में उमड़े खरीदार
जीएसटी को जानने की ललक और मॉल द्वारा दिए गए ऑफर की वजह से शनिवार सुबह से ही ग्राहकों का जमावड़ा फिनिक्स मॉल में लगना शुरू हो गया। बिग बाजार ने दो से 22 फीसदी छूट की घोषणा की थी। चीनी, दाल अरहर, कप, सोयाबीन तेल, साबुन, चाय, दही, हेयर ऑयल, बिस्कुट, टूथपेस्ट, डायपर, अगरबत्ती, काजू और सब्जियों आदि पर छूट मिलने की जानकारी होते ही ग्राहक पहुंच गए। देर रात तक जमकर खरीदारी हुई। बिग बाजार प्रबंधन ने कहा है कि छूट स्टॉक खत्म होने तक ही मिलेगी। वहीं अन्य मॉल में भी ग्राहकों की भीड़ का आलम यही रहा।
छोटे दुकानदारों ने नहीं दिए बिल
भले ही जीएसटी लागू हो गया है, लेकिन अभी पक्का बिल देना दुकानदारों की आदत में नहीं आया है, जो दुकानदार कच्चा बिल दे रहे थे उन्होंने अपनी आदत के मुताबिक शनिवार को भी परंपरा जारी रखी। नया बिल मांगे जाने पर किसी भी ग्राहक को बिल नहंी दिया। दुकानदाराें को ग्राहकाें को समझाया कि उनके पास अभी कंप्यूटर और टैक्स की सही जानकारी नहीं आई है इसलिए पक्का बिल नहीं दे पा रहे हैं। पहले दिन बड़ा बाजार और नावल्टी बाजार में होजरी व कास्मेटिक सामान के कुछ विक्रेताओं ने तो अपनी दुकान ही बंद रखीं, जबकि कुछ ने ग्राहकों को कोई बिल ही नहीं दिया।
ग्राहक और दुकानदार उलझे
जीएसटी सिस्टम के मुताबिक नया बिल जारी नहीं होने पर कई दुकानाें पर ग्राहक और दुकानदार भिड़ गए। इन दुकानाें पर पीओएस मशीन भी खराब पाई गई। दुकानदाराें ने बहाने बाजी कर दी कि उनका सिस्टम अभी अपडेट नहीं है। कुछ दुकानदाराें ने अपनी बचत के लिए अस्थायी बिल जारी किए।
आधा अधूरा हुआ दवा कारोबार
शास्त्री मार्केट और गली नवाबान में दवा कारोबार भी आधा अधूरा ही रहा। अधिकतर दुकानदारों ने अभी तक साफ्टवेयर अपडेट नहीं किया, इसलिए उनको अपनी दुकान बंद रखनी पड़ी, जबकि कई कारोबारी दिन भर कंप्यूटर एक्सपर्ट से बात करते रहे। दवा कारोबारी विजय मूलचंदानी ने बताया कि उन्होंने अपना साफ्टवेयर अपडेट कर लिया है और उसी के अनुसार बिल दे रहे हैं।
कपड़ा बाजार में रही अफरातफरी
थोक बाजार खुला जरूर लेकिन कारोबार नहीं हुआ। कपड़ा व्यापारी काली पट्टी बांधकर प्रतिष्ठानों पर अपना स्टॉक आदि सही करते नजर आए। कुछ दुकानों पर साफ्टवेयर अपडेट करने और नई कर प्रणाली समझने के प्रयास होते रहे। यही स्थिति लगभग खुदरा कारोबारियाें में भी दिखी। थोक कपड़ा व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुपम कपूर ने बताया कि पहला दिन होने से व्यापारी असमंजस में था। तैयारी नहीं होने से कामकाज प्रभावित रहा, लेकिन प्रतिष्ठान खुले रहे। रविवार को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना पहुंच रहे हैं उनसे एसोसिएशन पदाधिकारी मिलकर अपनी समस्या रखेंगे। इसके बाद पदाधिकारियों की बैठक भी होगी।