संजय कम्युनिटी हॉल के पीछे बने तालाब में भैंसें स्वीमिंग करते नजर आती हैं। काफी बड़े क्षेत्रफल में फैले इस तालाब के दिन बहुरने की बात कबातें खूब हुई लेकिन नगर निगम ने इस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। कमिश्नर प्रमांशु यादव ने इस तालाब की बिगड़ी हालत को संवारने का आइडिया दिया। नगर निगम को प्रस्ताव बनाने को कहा। तत्कालीन नगर आयुक्त शीलधर यादव ने भैंस पालकाें का दबदबा और सपा का राज देखकर प्रस्ताव को कूड़े में डाल दिया। अब मेयर कह रहे हैं जब कभी शहर स्मार्ट होगा तो इस भैंसिया तालाब भी सुंदर हो जाएगा।
केंद्र और प्रदेश सरकारें तालाब और नदियों के संरक्षण पर जोर दे रही हैं लेकिन शहर में उल्टी गंगा बह रही है। शहर के बीच में संजय कम्युनिटी हॉल के पीछे और नगर निगम कालोनी से सटे इस तालाब में रोजाना 150 से अधिक भैंसें नहाने के लिए आती हैं। पानी पूरी तरह से प्रदूषित और गंदा हो चुका है। भैंसें इसमें गंदगी भी करती हैं। पहले तालाब नगर निगम कालोनी की ओर से खुलकर मेयर कैंप कार्यालय तक जाता था। लेकिन फिर तालाब के चारों ओर दीवार बनाई गई। इससे भैंस अब सीधे अयूब खां चौराहे से आकर कार बाजार में गंदगी करते हुए तालाब में दिन भर नहाती हैं और लौट जाती हैं।
पार्षदाें की भी भैंस यहां आती हैं
रामपुरबाग और अयूब खां चौराहे के पास रहने वाले पार्षदों की भैंस भी यहां नहाने के लिए आती हैं। दिन भर भैंसों का जमावड़ा यहां लगा रहता है जब नहाकर ये छूटती हैं तो पूरे रास्ते में जाम लग जाता है और गंदगी होती है। पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव कमिश्नर के निर्देश पर एख बार तालाब से भैंसाें को हटवाने भी पहुंचे थे लेकिन भैंस पालक हावी हो गए। इसके बाद कोई कार्यवाही नहीं की गई।
यह तालाब काफी पुराना है। इसमें सुंदरीकरण के लिए कोई प्रस्ताव नहीं आया। कई बार भैंसाें को हटवाने की कोशिश की जा चुकी है लेकिन लोग लड़ाई और झगड़े पर उतर आते हैं। इस तालाब को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है।
-डॉ. आईएस तोमर, मेयर