बरेली। स्वयं सहायता समूहों के गठन को लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) को इस साल बड़ा लक्ष्य दिया गया है। शासन ने जिले को 26,524 स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य दिया है। खास बात यह है कि विभाग पिछले करीब 15 वर्षों में 14,785 समूह ही गठित कर सका है। ऐसे में महज एक साल में बीते 15 वर्षों से करीब दोगुना लक्ष्य पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष में अगस्त तक महज 1,227 स्वयं सहायता समूहों का गठन हो सका है। यानी सालाना लक्ष्य का करीब 4.6 फीसदी ही अब तक पूरा हुआ है। शेष लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग को अगले महीनों में करीब 25,606 समूह बनाने होंगे। एनआरएलएम के गठन के बाद से अब तक 15 वर्षों में 14,785 समूह बनाए गए हैं। इस हिसाब से विभाग का औसत सालाना गठन करीब 986 समूह रहा है। इसके मुकाबले मौजूदा वर्ष में 26,833 समूह बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में डीसी एनआरएलएम योगेंद्र भारती ने बताया कि शासनादेश के अनुपालन में व्यापक स्तर पर समूह गठन का कार्य चल रहा है। अभी तक 1227 के करीब नये समूहों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। हालांकि पोर्टल में आए दिन खराबी आने से भी कार्य प्रभावित हो रहा है।