शासन से मिले बजट में अभी 4.50 करोड़ खर्च होने हैं बाकी
बरेली। प्रशासन लॉकडाउन में भूख से लड़ रहे लोगों को अब ठेके पर राशन और भोजन के पैकेट की सप्लाई करेगा। आपूर्तिकर्ता फर्म को राशन के पैकेट के लिए 1380 और सब्जी-पूड़ी के पैकेट के लिए 24.50 रुपये का भुगतान किया जाएगा। खाने की क्वालिटी और मात्रा की चेकिंग की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को दी गई है।
गरीब और जरूरतमंदों को भोजन और राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को करीब छह करोड़ रुपये का बजट मिला था। अप्रैल की शुरूआत में ही सभी तहसीलों को इससे 25-25 लाख रुपये की धनराशि कम्युनिटी किचन को संचालित करने के लिए जारी की जा चुकी है। प्रशासन के पास करीब साढ़े चार करोड़ का बजट अवशेष है। गरीबों को जल्दी और बेहतर राशन मिल सके। इसके लिए प्रशासन ने एक फर्म को कांट्रेक्ट दिया है।
तहसील प्रशासन की डिमांड पर यह फर्म 1380 रुपये में राशन का पैकेट उपलब्ध कराएगी। पैकेट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, पांच किलो आलू, एक लीटर रिफाइंड, दो किलो भूने चने के साथ मसाला, चीनी व अन्य आइटम शामिल रहेंगे। इस राशन से कम से कम 15 दिन तक एक सीमित परिवार का पेट पल सकेगा। इसके अलावा फर्म को भोजन के पैकेट के लिए 24.50 रुपये के हिसाब से ठेका दिया गया है। इसमें छह पूड़ी, सूखी सब्जी और आचार शामिल रहेगा। सभी तहसीलों की डिमांड पर फर्म को ही इसकी आपूर्ति भी जल्द से जल्द करनी होगी। आपूर्ति होने वाले कच्चे और पक्के दोनों तरह के खाने की क्वालिटी संबंधित एसडीएम और तहसीलदार दोनों ही करेंगे।
बंद हो सकते हैं तहसीलों में खाले गए कम्युनिटी किचन
प्रशासन ने अप्रैल की शुरूआत में सभी तहसीलों में कम्युनिटी किचन खुलवाए थे। प्रत्येक तहसील को पहली किस्त के तौर पर जो 25 लाख रुपये दिए थे, वह रकम ही अब तक खर्च नहीं हो सकी है। चूंकि अब एक फर्म को खाने की आपूर्ति का कांट्रेक्ट दिया जा चुका है, इसलिए अब कम्युनिटी किचन को अग्रिम बजट जारी नहीं होगा। इससे ये जल्द बंद हो सकते हैं।
हर जरूरतमंद तक राशन जल्द पहुंचे, शासन की मंशा को पूरा करने के लिए एक फर्म को राशन व भोजन आपूर्ति का कांट्रेक्ट दे दिया गया है। गड़बड़ी सामग्री मिलने पर फर्म पर कार्रवाई होगी।
-मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त