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साहबों के कुत्तों का लोकतंत्र में यकीन नहीं.. बंगलों में वोट बनाने नहीं जाएंगे

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बरेली। कैंट के बंगलों में रहने वाले ‘साहबों’ के खूंखार कुत्ते लोकतंत्र की राह में रोड़ा बन गए हैं। नई वोटर लिस्ट बनाने के लिए इन बंगलों में सर्वे करने पहुंच रहे बीएलओ को ये कुत्ते ऐसा दौड़ा रहे हैं कि निर्वाचन ड्यूटी उनके लिए जान का सौदा बन गई है। खूंखार कुत्तों की दहशत उनमें इस कदर फैल गई है कि 14 के 14 बीएलओ ने वोटर लिस्ट के सर्वे के लिए इन बंगलों में जाने से साफ इनकार कर दिया है। इसके बाद कैंट बोर्ड की ओर से बंगलों में रहने वाले लोगों से अपने कुत्तों को काबू में रखने की अपील की गई है।
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कैंट बोर्ड के चुनाव फरवरी में प्रस्तावित हैं, जिसके लिए कई दिन पहले नए सिरे से वोटर लिस्ट बनाने का काम शुरू किया गया है। इसके लिए आरएन टैगोर कॉलेज के शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे करने के साथ आवेदन ले रहे हैं। आरएन टैगोर कॉलेज के शिक्षक दिनेश सैनी के मुताबिक कैंट बंगला नंबर 59 में ब्रिगेडियर आरएस सियाल, प्रो. जेएस सियाल और मेजर एचएस सियाल का परिवार रहता है। पिछले दिनों वह अपने सहयोगी के साथ वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने का आवेदन फार्म पहुुंचाने इस बंगले में पहुंचे तो काफी देर आवाज लगाने के बाद भी कोई गेट खोलने नहीं आया। मेन गेट पर डोर बेल भी नहीं थी, लिहाजा वह खुद गेट खोलकर अंदर चले गए। पेड़ों की आड़ में दो दो खूंखार कुत्ते छिपे थे जो उन्हें बाहर से नहीं दिखे। गेट के अंदर घुसते ही कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। गिरते-पड़ते वह बाहर दौड़े। बमुश्किल उनकी जान बची।
दिनेश सैनी के मुताबिक कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर बंगले में रह रहे सैन्य अधिकारी बाहर निकले तो वोट बनवाने में तो कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं, दोबारा बंगला में न आने की हिदायत जरूर दे दी। ऐसे ही वाकये दूसरे बीएलओ के साथ बंगला नंबर 50 और 48 में हुए। इसके बाद सभी 14 बीएलओ ने बंगलों में सर्वे के लिए जाने से साफ इनकार कर दिया।
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बंगलों में बुलडॉग से लेकर ब्लड हाउंड तक
वोटर लिस्ट के लिए सर्वे कर रहे शिक्षकों का कहना है कि कैंट के बंगलों में एक से बढ़कर एक खूंखार कुत्ते हैं। ज्यादातर के पास बुलडॉग, रौडविलर, ब्लड हाउंड, कूनहाउंड, जर्मन शेफर्ड, ग्रेट डेन जैसे डरावने कुत्ते हैं। दिक्कत यह है कि कई एकड़ में बने इन बंगलों में रह रहे लोगों ने बाहर कोई डोर बेल भी नहीं लगाई है, जिसकी वजह से लंबा इंतजार करना पड़ता है और अंदर जाने पर कुत्ते झपट पड़ते हैं।

बंगलों में पले खूंखार नस्ल के कुत्तों के हमला करने की शिकायत सर्वे करने जा रहे शिक्षकों ने दी है। बंगलों में रहने वाले लोगों से मतदाता पहचान पत्र बनाने में सहयोग करने को कहा गया है। अगर वे सहयोग नहीं करेंगे तो वोटर लिस्ट में नाम शामिल न होने पर वे खुद जिम्मेदार होंगे। - आरके माहेश्वरी, एई, कैंट बोर्ड
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